पटना छात्र संघ चुनाव में जदयू और एबीवीपी का दबदबा
पटना:
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (patna university student election 2018) में जनता दल यूनाइटेड (JDU) और एबीवीपी के उम्मीदवारों ने बाजी मारी है. जदयू के मोहित प्रकाश ने जहां अध्यक्ष पद अपने नाम किया वहीं कोषाध्यक्ष पद पर भी जदयू के ही कुमार सत्यम ने अपनी जीत पक्की की. जबकि महासचिव, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव के पद एबीवीपी (ABVP) के मनिकांत मणि, अंजना, और राजा रवि जीते के नाम रहे. बता दें कि छात्र संघ चुनाव से पहले ही पदों पर जीत को लेकर राजनीति गर्माने लगी थी. बीते रविवार को चार विधायकों के बाद सोमवार को बीजेपी के तीन और विधायकों ने इस बार के चुनाव पर बयान जारी किया था.
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इस बयान में साफ लिखा था कि इस बार उनके समर्थक धन बल, बाहु बल, जातिवाद और पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप को परास्त करेंगे. लगातार दूसरे दिन पार्टी द्वारा जारी इस बयान से साफ था कि पार्टी चुनाव को लेकर बेहद गंभीर थी. सोमवार को जारी बयान विधायक नवल किशोर यादव, जीवेश मिश्र, मनोज शर्मा और पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के नाम से जारी किया गया था. इसमें राजनीतिक दलों को सीधे हस्तक्षप से परहेज करने की सलाह दी गई थी.
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साथ ही एक बार फिर प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़ा करते हुए कहा गया है कि इनकी भूमिका चुनाव में शांति बनाए रखने की होनी चाहिए. साथ ही सलाह भी दी गई कि उनकी गतिविधियों से कहीं उनकी पक्षपाती छवि न हो जाए. बीते सोमवार को जारी बयान में खास बात यह रही कि इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बारे में दावा किया गया कि इसका सीधा किसी राजनीतिक दल से कोई सम्बंध नहीं है. एक अलग पहचान का दावा करते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि एबीवीपी राष्ट्र निर्माण में लगे छात्रों का नैतिक वैचारिक संगठन है.
VIDEO: अंकित बसोया को संगठन ने सभी पदों से हटाया.
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इस बयान में साफ लिखा था कि इस बार उनके समर्थक धन बल, बाहु बल, जातिवाद और पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप को परास्त करेंगे. लगातार दूसरे दिन पार्टी द्वारा जारी इस बयान से साफ था कि पार्टी चुनाव को लेकर बेहद गंभीर थी. सोमवार को जारी बयान विधायक नवल किशोर यादव, जीवेश मिश्र, मनोज शर्मा और पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के नाम से जारी किया गया था. इसमें राजनीतिक दलों को सीधे हस्तक्षप से परहेज करने की सलाह दी गई थी.
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साथ ही एक बार फिर प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़ा करते हुए कहा गया है कि इनकी भूमिका चुनाव में शांति बनाए रखने की होनी चाहिए. साथ ही सलाह भी दी गई कि उनकी गतिविधियों से कहीं उनकी पक्षपाती छवि न हो जाए. बीते सोमवार को जारी बयान में खास बात यह रही कि इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बारे में दावा किया गया कि इसका सीधा किसी राजनीतिक दल से कोई सम्बंध नहीं है. एक अलग पहचान का दावा करते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि एबीवीपी राष्ट्र निर्माण में लगे छात्रों का नैतिक वैचारिक संगठन है.
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Patna University Student Union Election