'जो बोइएगा वही पाइएगा...' , लोक जनशक्ति पार्टी की टूट पर JDU की तीखी प्रतिक्रिया

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह (Ram Prasad Singh) ने लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल में टूट (Rift in LJP) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा जो बोइएगा वही पाइगा.

'जो बोइएगा वही पाइएगा...' , लोक जनशक्ति पार्टी की टूट पर JDU की तीखी प्रतिक्रिया

LJP की फूट पर जेडीयू की तीखी प्रतिक्रिया

पटना:

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह (Ram Prasad Singh) ने लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल में टूट (Rift in LJP) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा जो बोइएगा वही पाइगा. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान एक सम्मानित नेता थे और उन्होंने ही इस पार्टी की स्थापना की थी. सिंह के अनुसार 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 में से 39 सीटों पर वियज हासिल की थी. उन्होंने कहा कि बिहार के विधानसभा चुनावों में पार्टी की अगुवाई का बेहद खराब रवैया रहा. उनकी रणनीति, NDA को डैमेज करने की कोशिश की थी और जब आप ऐसी कोशिश करते हैं तो इसके परिणाम स्वाभाविक तौर पर दिखाई देते हैं.

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रामचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि लोकजन शक्ति पार्टी में रामविलास पासवान के अलावा पशुपति पारस समेत कई नेता बेहद अनुभवी है, उन्होंने पार्टी के लिए मेहनत की है और बिना मेहनत किए किसी को कोई पद मिल जाता है तो ऐसा ही होता है. उन्होंने कहा कि पद प्राप्त करना और उसे पचाना बेहद अहम होता है. अगर आप किसी पद पर हैं और अपने सहयोगियों को सम्मान नहीं देंगे तो परिणाम ऐसे हो सकते हैं. बताते चलें कि रामविलास पासवान ने स्वास्थ्य बिगड़ने से पहले चिराग के हाथ में पार्टी की बागडोर सौंप दी थी, बिहार के विधानसभा चुनावों में चिराग ने अपनी रणनीति के तहत सभी फैसले लिए थे और नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर हमला बोला था. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने जो नीति अपनाई थी उससे एनडीए को खासा नुकसान हुआ है. 


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बताते चलें कि लोकजनशक्ति पार्टी के अंदर की नाराजगी उस वक्त बाहर आई जब पार्टी के 6 में 5 सांसदों ने  लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें एलजेपी से अलग दल की मान्यता दी जाए. माना जा रहा है कि ये पांचों जेडीयू के संपर्क में हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही ये सभी सांसद असंतुष्ट थे. सांसद चिराग पासवान के कामकाज के तरीके से आहत थे. अपनी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पशुपति पारस ने नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक अच्छा नेता करार दिया. साथ ही एनडीए के साथ गठबंधन की वकालत भी की.