- नालंदा जिले के किसान कॉलेज परीक्षा केंद्र के बाहर एक छात्रा दो मिनट की देरी से परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी
- छात्रा और उसके अभिभावक प्रशासन से मिन्नतें करने के बावजूद सख्त नियमों के कारण अंदर प्रवेश नहीं कर पाए
- अभिभावकों का आरोप है कि भीषण जाम की वजह से छात्रा समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकी थी
बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि देखने वालों की आंखें भी नम कर दी हैं. नालंदा जिले के बिहार शरीफ स्थित किसान कॉलेज परीक्षा केंद्र के बाहर एक छात्रा का भविष्य महज 120 सेकंड यानी 2 मिनट की देरी की भेंट चढ़ गया. घटना सोहसराय स्थित किसान कॉलेज की है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक छात्रा परीक्षा केंद्र के गेट पर खड़ी होकर फूट-फूट कर रो रही है. उसकी सिसकियां और बंद गेट को देखकर वहां मौजूद हर शख्स का दिल पसीज गया. छात्रा और उसके अभिभावकों ने अंदर जाने के लिए प्रशासन से हाथ जोड़े, मिन्नतें कीं, लेकिन नियमों की बेड़ियों ने छात्रा के एक साल के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया.
'जाम' ने छीना छात्रा का सुनहरा साल
छात्रा के अभिभावकों का आरोप है कि वे समय पर घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में भीषण जाम की वजह से उन्हें पहुंचने में देरी हो गई. जब वे केंद्र पर पहुंचे, तो नियत समय से मात्र 2 मिनट की देरी हो चुकी थी. सिर्फ 2 मिनट की तो बात थी, मेरा पूरा साल बर्बाद हो गया. अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन को ट्रैफिक जैसी व्यावहारिक समस्याओं पर विचार करना चाहिए था, न कि इतना सख्त होना चाहिए कि किसी का भविष्य ही बर्बाद हो जाए.
बिहार शरीफ से सामने आया दर्दनाक नजारा
इंटर की परीक्षा के दौरान बिहार से अक्सर ऐसी तस्वीरें आती हैं, जहां परीक्षार्थी दीवार फांदते या भागते नजर आते हैं, लेकिन किसान कॉलेज का यह नजारा व्यवस्था की क्रूरता बयां कर रहा है. छात्रा का बीच सड़क पर इस तरह बिलखना यह बताने के लिए काफी है कि एक परीक्षार्थी के लिए उसके साल भर की मेहनत की कीमत क्या होती है.
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