- बिहार में बाढ़ से 13 जिलों के बड़े इलाके जलमग्न हो गए हैं.
- करीब 29 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. 20 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं.
- भागलपुर में 100 साल पुराना मंदिर पानी में बह गया, घर कटान से नदी में समा गए.
पटना: बिहार में बाढ़ से हाहाकार मचा है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से 13 जिलों के बड़े इलाके जलमग्न हो गए हैं. बाढ़ से करीब 29 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. 20 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं. सोमवार को वैशाली और सारण में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविरों में कम्युनिटी किचन का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित अलग-अलग जिलों में 190 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं, जबकि राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं.

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गंगा और कोसी नदी के उफान से भागलपुर में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे जिले की 56 पंचायतों के 178 गांव और 347 वार्ड इसकी चपेट में आ चुके हैं. 100 साल पुराना मंदिर पानी में बह गया, घर कटान से नदी में समा गए. वर्तमान में करीब 2 लाख 17 हजार 811 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम अलंकृता पांडे ने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी.
सारण के दरियापुर प्रखंड के मुजौना पंचायत के पास सेमरिहिया गांव में बांध टूटी
सारण जिले में सरयू, गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इससे जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. दरियापुर और दिघवारा प्रखंड में माही नदी का बांध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में हालात और बिगड़ गए हैं. कई जगह पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने सारण के प्रभारी मंत्री और उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव रविवार को जिले में पहुंचे. उन्होंने दरियापुर और दिघवारा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बांध टूटने वाले स्थानों का भी निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने प्रभारी मंत्री को बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में लोगों तक जरूरी सुविधाएं लगातार पहुंचाई जा रही हैं.

प्रभावित इलाकों से 22 हजार लोगों को बचाया गया
जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक प्रभावित इलाकों से 22 हजार 35 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. राहत कार्यों और आवागमन के लिए 71 सरकारी व अधिग्रहित नावों का परिचालन किया जा रहा है, जबकि बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच करीब 4 हजार पॉलीथिन सीट और तिरपाल का वितरण किया जा चुका है. पीड़ितों के भोजन के लिए जिले में 15 सामुदायिक रसोइयां संचालित हैं, जहां अब तक एक लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया गया है. इसके अलावा टीएनबी कॉलेजिएट समेत सात प्रमुख स्थानों पर राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं.

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डीएम ने कहा- प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
पशुओं की सुरक्षा के लिए 9 हजार 343 पशुओं का पंजीकरण किया गया है. डीएम अलंकृता पांडे ने बताया कि सुरक्षा और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की 5 टीमें, 17 मोटरबोट और 501 आपदा मित्रों को तैनात किया गया है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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तेजस्वी यादव ने की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र से आग्रह किया है कि वे इस स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें और राज्य को 5,000 करोड़ रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता दें. बाढ़ से एक दर्जन से ज़्यादा ज़िले प्रभावित हुए हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ने, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने और कनेक्टिविटी बाधित होने के कारण लाखों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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