बिहार के कई जिलों की तरह कटिहार भी इन दिनों बाढ़ की चपेट में है. गंगा, कोसी, बरंडी और कारी कोसी नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण अमदाबाद, मनिहारी, बरारी और कुरसेला प्रखंड के कई गांव प्रभावित हैं. प्रशासन के अनुसार जिले में करीब 9.39 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है और कई स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई है.
इसी बीच अमदाबाद प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बैरिया ने एक प्रेरणादायक पहल की है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं ताकि बाढ़ के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो.
नेट सेवा शुरू होते ही शुरू कर दी ऑनलाइन पढ़ाई
शुरुआत में बाढ़ के कारण इंटरनेट सेवा बाधित थी, जिससे ऑनलाइन कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं. लेकिन जैसे ही नेटवर्क सेवा बहाल हुई, शिक्षकों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाना शुरू कर दिया. अब सैकड़ों छात्र घर से ही मोबाइल और इंटरनेट के जरिए कक्षा से जुड़ रहे हैं.
विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंकज कुमार ने बताया कि चारों ओर बाढ़ का संकट देखकर शिक्षकों ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का फैसला लिया. इसी सोच के साथ ऑनलाइन क्लास शुरू की गई. उन्होंने बताया कि पढ़ाई के वीडियो और जरूरी सामग्री व्हाट्सएप के जरिए भी छात्रों तक भेजी जाती है ताकि कोई बच्चा पीछे न रह जाए.
परीक्षा नजदीक, अभिभावकों में खुशी
ऑनलाइन कक्षाओं से छात्र और अभिभावक दोनों खुश हैं. अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा नजदीक है और ऐसे समय में शिक्षकों की यह पहल बच्चों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है.
अमदाबाद के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी रणबीर कुमार ने भी इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने बताया कि प्रखंड के 119 विद्यालयों में से 95 स्कूलों में बाढ़ के कारण पढ़ाई प्रभावित है और लगभग 25 हजार बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा है. उन्होंने अन्य प्रधानाध्यापकों से भी बैरिया विद्यालय की तरह ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की अपील की है ताकि बाढ़ के बावजूद बच्चों की पढ़ाई जारी रह सके.
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