- बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने विधानसभा में आरजेडी पर कानून-व्यवस्था पर ट्वीट करने पर कटाक्ष किया है.
- उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने 1994 में सुशासन की कमी के कारण अलग रास्ता चुना था और व्यवस्था बदली है.
- बिहार में अब कोई नक्सली शेष नहीं है, 143 उग्रवादी गिरफ्तार किए गए और दो नई बटालियन बनाई गई हैं.
बिहार के डिप्टी CM और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में आरजेडी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आरजेडी पर तंज कसते हुए कहा कि वे हर सुबह कानून-व्यवस्था पर ट्वीट तो करते हैं. लेकिन सदन में इतने गंभीर विषय पर कोई कटौती प्रस्ताव नहीं देते. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने 1994 में इसीलिए अलग राह चुनी थी क्योंकि तब राज्य में सुशासन का अभाव था.
राबड़ी देवी की ओर से नीट (NEET) मामले में एक मंत्री के बेटे की संलिप्तता के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे नाम बताएंगी, तो तुरंत कार्रवाई होगी. यही सुशासन है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजद के दौर में सरकार जेल से चलती थी. लेकिन नीतीश कुमार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है.
'नेता अभी भी नीतीश कुमार ही हैं'
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि भले ही उनका दायित्व वित्त से गृह विभाग में बदल गया हो. लेकिन नेता अभी भी नीतीश कुमार ही हैं और अंतिम निर्णय उन्हीं का होता है. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम कर रही है और सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है. अब तो "हाथी भी पुलिस के डर से बीमार हो जाता है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार अब पूरी तरह उग्रवादी मुक्त हो गया है. हाल ही में 143 उग्रवादियों की गिरफ्तारी और दो दिन पहले अंतिम उग्रवादी के पकड़े जाने के बाद, अब राज्य में एक भी नक्सली शेष नहीं बचा है. साथ ही औद्योगिक सुरक्षा के लिए 'BISF' नाम की दो नई डेडिकेटेड बटालियन बनाने और जेलों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की गई है.
सम्राट चौधरी ने बताया कि 31 हजार जवानों की भर्ती की जाएगी, जिसमें 17 हजार SAP जवानों के पद पर पहली बार अर्धसैनिक बल (पारा मिलिट्री) के जवानों को मौका मिलेगा. इसके अलावा, 2025 में 15 हजार होमगार्डों का चयन हुआ है और 13 हजार अतिरिक्त होमगार्ड तैनात किए जाएंगे, जिन्हें 1121 रुपये का मानदेय मिलेगा. तकनीकी सुधार के तहत हर जिले में फोरेंसिक और चलंत फोरेंसिक लैब खोली जा रही हैं.
साइबर अपराध, AI और भविष्य की योजनाएं
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार सरकार भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीक का सहारा ले रही है. साइबर अपराध के 1.33 लाख मामलों में से 517 करोड़ रुपये की राशि होल्ड की गई है और रिकवरी की प्रक्रिया जारी है. सरकार अब जनता की सुविधा और आग जैसी आपदाओं से बचाव के लिए AI. का उपयोग करेगी. बिहटा में आग से बचाव के लिए पहला ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट बनाया गया है जहां CISF जवानों को प्रशिक्षित कर रही है. साथ ही, अपराधियों को समाज से अलग रखने के लिए पहाड़ पर हाई सिक्योरिटी प्रिजन बनाने की योजना है.
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