बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा से इस वक्त की बड़ी खबर है.चखनी रजवटिया पंचायत के खैरटवा गांव के पास सोमवार की देर शाम गंडक नदी के तेज बहाव और पानी के दबाव के कारण चम्पारण तटबंध का करीब 30 मीटर हिस्सा टूट गया. तटबंध टूटते ही पानी आसपास के इलाकों में तेजी से फैलने लगा. रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ते पानी को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
तेज रफ्तार से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा पानी
स्थानीय ग्रामीण लालबाबू यादव और इजहार सिद्दीकी के मुताबिक, तटबंध टूटने के बाद पानी काफी तेज रफ्तार से रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है. ग्रामीणों को डर है कि अगर पानी का बहाव इसी तरह जारी रहा तो गंडक का पानी NH-727 को पारकर आसपास के सैकड़ों गांवों तक पहुंच सकता है.
दो साल पहले भी टूट चुका है तटबंध
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोमवार को जहां तटबंध टूटा है, उसके आसपास करीब दो वर्ष पहले भी तटबंध का लगभग 40 मीटर हिस्सा टूट गया था. बाद में इसकी मरम्मत कराई गई थी. अब करीब 30 मीटर तटबंध के फिर टूट जाने से आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. सोमवार की सुबह वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ. इसके बाद गंडक नदी के जलस्तर और बहाव में तेजी आई. पानी के बढ़ते दबाव और तेज बहाव के बीच सोमवार की देर शाम चंपारण तटबंध का हिस्सा ध्वस्त हो गया.
जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने तटबंध टूटने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अभियंताओं की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है. रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे पानी को रोकने के लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल, तटबंध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी के बहाव पर लोगों की नजर बनी हुई है. संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है.
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