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रजिस्ट्री ऑफिस से सरकारी दस्तावेज चोरी कर जमीन हड़पने वाले गैंग का पर्दाफाश, बिहार के कई जिलों में फैला था जाल

बिहार पुलिस ने रजिस्ट्री ऑफिस से सरकारी दस्तावेज चोरी कर जमीन कब्जाने वाले एक अंतर-जिला गिरोह को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह रिकॉर्ड रूम से मूल कागजात गायब कर उनमें फर्जी एंट्री करता था और अवैध तरीके से म्यूटेशन करा लेता था. कटिहार से श्याम कुमार की रिपोर्ट

रजिस्ट्री ऑफिस से सरकारी दस्तावेज चोरी कर जमीन हड़पने वाले गैंग का पर्दाफाश, बिहार के कई जिलों में फैला था जाल
रजिस्ट्री ऑफिस से सरकारी दस्तावेज चोरी कर जमीन कब्जाने वाले एक अंतर-जिला गिरोह को गिरफ्तार किया है.

Bihar News: बिहार के कटिहार और पटना पुलिस ने मिलकर एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो रजिस्ट्री कार्यालयों से मूल दस्तावेज चोरी कर जमीन पर अवैध कब्जा करता था. यह गिरोह इतना संगठित था कि पहले रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड रूम की रेकी करता था और फिर पुराने दस्तावेजों को गायब कर उनमें नाम बदलकर फर्जीवाड़ा करता था. इस गिरोह का जाल कटिहार के अलावा पटना और भागलपुर जैसे जिलों में भी फैला हुआ था.

स्पेशल इनपुट पर पटना में गिरफ्तारी

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कटिहार एसपी को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य पटना रजिस्ट्री ऑफिस में सेंधमारी करने की फिराक में हैं. कटिहार पुलिस ने तुरंत यह जानकारी पटना पुलिस के साथ साझा की. पटना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर कटिहार पुलिस ने जिले के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की.

कटिहार से दबोचे गए तीन मुख्य मोहरे

सदर एसडीपीओ अभिजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान दंडखोड़ा से मसूर रहमान उर्फ मुन्ना खान और मुफस्सिल थाना क्षेत्र से सुरेश कुमार सिंह और प्रदुमन कुमार को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सरकारी दस्तावेज, रजिस्ट्री पेपर और म्यूटेशन से जुड़े कागजात बरामद हुए हैं जो प्रथम दृष्टया पूरी तरह फर्जी प्रतीत होते हैं.

कैसे काम करता था यह 'दस्तावेज चोर' गिरोह?

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. गिरोह के सदस्य रजिस्ट्री ऑफिस से पुराने मूल दस्तावेज चोरी करते थे. इसके बाद उन कागजों में छेड़छाड़ कर पुराने मालिकों की जगह नए नाम दर्ज कर देते थे. इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीओ कार्यालय से मिलीभगत कर जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) करा लिया जाता था. एक बार कागज पक्के होने के बाद गिरोह जमीन पर अपनी दावेदारी पेश कर कब्जा कर लेता था.

कई जिलों के थानों में दर्ज हैं मामले

पकड़े गए आरोपियों ने कटिहार के सहायक थाना में 19 अक्टूबर 2024 को हुई रिकॉर्ड रूम की चोरी (कांड संख्या 766/24) में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. इसके अलावा भागलपुर के जक्सर थाना में दर्ज कांड संख्या 170/24 में भी सुरेश और प्रदुमन वांछित चल रहे थे. फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य संपर्कों और सरकारी कार्यालयों में बैठे उनके मददगारों की तलाश कर रही है.

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