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'लड़कियों को क्या जरूरत है एजुकेशन की', बिहार के शिक्षा मंत्री के बयान की क्या है सच्चाई? Fact Check

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को तेजस्वी यादव और मनीष सिसोदिया ने भी शेयर किया है और मिथिलेश तिवारी पर तंज कसा है.

'लड़कियों को क्या जरूरत है एजुकेशन की', बिहार के शिक्षा मंत्री के बयान की क्या है सच्चाई? Fact Check
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी.
X: social media
  • बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 8 मई को पदभार ग्रहण के दिन अभ्यर्थी प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी
  • तिवारी ने कहा कि उनकी बेटियां नारी शक्ति हैं, इसलिए सड़क पर आंदोलन की आवश्यकता नहीं है
  • विपक्षी नेताओं ने तिवारी के बयान को लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ बताया और सोशल मीडिया पर आलोचना की
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पटना:

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का एक बयान आज वायरल है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत विपक्ष के कई नेताओं ने इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मिथिलेश तिवारी पर तंज कसा है. 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लिखा, "बिहार के झाड़-फूंक वाले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी कह रहे हैं कि बीजेपी सरकार में लड़कियों को शिक्षा की ज़रूरत क्या है? क्यों है? मोदी जी नारी शक्ति वंदन की बात करते है इसलिए लड़कियों को स्कूल जाने की बजाय घर में ही रहना चाहिए. शिक्षा मंत्री की कैसी घृणित सोच है?" 

मनीष सिसोदिया ने लिखा, "इसीलिए तो नफरत है मुझे बीजेपी से… बीजेपी मानती है कि लड़कियों को शिक्षा देना गलत है. यकीन ना हो तो इनके शिक्षा मंत्री का ये बयान सुन लीजिए." 

दूसरे नेताओं ने भी मिथिलेश तिवारी को आड़े हाथों लिया. सबने यही लिखा कि एक शिक्षा मंत्री लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने की बात कैसे कर सकता है? लेकिन क्या वाकई शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह बात कही थी? 

क्या है सच्चाई?

दरअसल, यह बयान 8 मई का है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसी दिन पदभार ग्रहण किया था. उस दिन TRE 4 के नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बड़ा प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ. मुकदमा भी. प्रदर्शन में शामिल लड़कियों पर भी लाठियां चलीं. 

जब पत्रकारों ने शिक्षा मंत्री से कहा कि लड़कियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठियां चलाई हैं तो उन्होंने जवाब दिया. उन्होंने कहा, "जरूरत क्या है एजिटेशन (आंदोलन) की? हमारे घर की बेटियां हमारी शक्ति हैं. उन बेटियों को क्या जरूरत है सड़क पर आने की, जब नारी शक्ति वंदन के लिए मोदी जी खड़े हैं." 

उन्होंने एजिटेशन न करने की बात की थी, इस "एजिटेशन" शब्द को एजुकेशन बता कर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है.

तेजस्वी जी डरते हैं मुझसे : शिक्षा मंत्री

इस मामले पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मैंने तेजस्वी जी से बिहार के किसी स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास करने को कहा था. इसलिए वे अनर्गल बातें लिख रहे हैं. उन्हें मेरी आलोचना तथ्यों पर करनी चाहिए थी लेकिन उनकी सारी बातें गलत हैं. वे मुझसे डर गए हैं. इसलिए इस तरह से टिप्पणी कर रहे हैं.

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