- CM नीतीश कुमार बिहार के विभिन्न जिलों में विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं
- सीतामढ़ी में आयोजित सभा में महिलाओं की भारी उपस्थिति रही, जबकि पुरुषों की संख्या बहुत कम थी
- महिलाओं ने रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक सहायता की योजनाओं को सराहा, जिनसे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा पर हैं. इस दौरान वे राज्य के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर जनसंवाद के साथ ही करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं. इसी कड़ी में सीएम नीतीश सोमवार को सीतामढ़ी पहुंचे. इस पूरे कार्यक्रम की खास बात यह रही कि महिलाओं भी जमकर भीड़ लगी थी. पूरा सभा स्थल महिलाओं की भीड़ से पटा हुआ था. जीविका दीदी नीतीश भैया के स्वागत के लिए बेताब थीं. लेकिन हैरानी की बात ये रही कि सीएम नीतीश को सुनने पुरुष वहां ना के बराबर थे.
पूरा पंडाल सिर्फ महिलाओं से भरा होना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाओं का महिलाओं पर गहरा प्रभाव पड़ा है. यही वजह है कि अपने सीएम को सुनने वह बड़ी सख्या में पहुंचीं. इतना ही नहीं महिलाओं ने खुलकर अपनी बात भी रखी. उनका कहना था कि नीतीश कुमार ने उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे उन्हें आर्थिक सहायता मिली है.
बिहार में सुशासन, विकास एवं समृद्धि के संकल्प के साथ शुरू की गई समृद्धि यात्रा के क्रम में आज सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले का भ्रमण किया तथा योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया एवं प्रगति की समीक्षा की।
— Nitish Kumar (@NitishKumar) January 19, 2026
साथ ही सीतामढ़ी में 346 करोड़ रु॰ की लागत की 41 योजनाओं का शिलान्यास तथा 208.12 करोड़… pic.twitter.com/Cp1ixVWbK8
महिलाएं क्यों कर रही नीतीश कुमार को पसंद?
साल 2025 में हुए बिहार चुनाव ने तो साफ कर दिया कि महिला मतदाताओं ने खुलकर एनडीए को वोट किया है. उन्होंने जाति, धर्म, क्षेत्र के दायरों से ऊपर उठकर नीतीश कुमार को चुना है. नीतीश सरकार की महिला केंद्रित नीतियों, शराबबंदी, सुरक्षा, सुविधा और अच्छे भविष्य के वादों ने महिलाओं के मन में जगह बना ली है. नीतीश की महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये डालने, विधवा पेंशन बढ़ाने, छात्राओं को मुफ्त साइकिल व यूनिफॉर्म जैसी योजनाओं ने महिला मतदाताओं को लुभाने में बड़ा योगदान दिया. इसके अलावा एनडीए के बूथ मैनेजमेंट की भी अहम भूमिका रही.

कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने कहा, “नीतीश भैया ने रोजगार के लिए पैसा दिया, जिससे हमने अपनी किराना दुकान खोली है. वहीं एक अन्य महिला ने कहा,' उन्हें 10 हजार रुपये मिले थे, जिससे उन्होंने चूड़ी लहठी की दुकान खोली'. वहीं कई महिलाओं ने बकरी पालन की भी बात कही.महिलाएं नीतीश कुमार को देखने के लिए बेताब नजर आईं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को वे टीवी में देखती थीं अब सामने से देखने का मौका मिला है. इसके साथ ही उन्होंने मदद के लिए नीतीश कुमार का आभार जताया.
महिलाओं की भारी मौजूदगी दे रही क्या संदेश?
नीतीश की सभा में मौजूद महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. वे मुख्यमंत्री के भाषण को ध्यान से सुन रही थीं और बार-बार तालियों से उनका स्वागत कर रही थीं. महिलाओं की भारी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि आने वाले समय में राजनीति और विकास की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अहम और महत्वपूर्ण रहेगी.

सीतामढ़ी को सीएम नीतीश की सौगात
बता दें कि सीतामढ़ी को सीएम नीतीश ने लगभग 600 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया है. इसमें बहुप्रतीक्षित नवनिर्मित चंदौली पुल का उद्घाटन भी शामिल है. साथ ही 346 करोड़ की लागत से कुल 41 योजनाओं का शिलान्यास भी शामिल है. वही 208 करोड़ से अधिक की लागत से पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भी उद्घाटन सीएम नीतीश ने किया.
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि चंदौली पुल बनने से सीतामढ़ी से शिवहर और मोतिहारी कनेक्टिविटी में आसानी होगी. हर साल बाढ़ की चपेट में आने से चंदौली का बांध टूट जाता था, ऐसे में सड़क संपर्क समाप्त हो जाता था. लोगों को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती थी. लेकिन अब लोगों को बांध टूटने के खतरे से मुक्ति मिलेगी.साथ ही सड़क आवागमन में भी सहूलियत होगी.
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