अस्पताल में इलाज करवाते पत्रकार विजय मोहन शुक्ल।
भोपाल:
मध्यप्रदेश की राजधानी में दो पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और र्दुव्यवहार के मामले में प्रदेश सरकार ने गंभीर रूख अपनाते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कल शाम सरकारी जेपी अस्पताल में भर्ती घायल पत्रकारों विजय प्रभात शुक्ला और कृष्णमोहन तिवारी से मुलाकात कर उनकी तबीयत की जानकारी ली और उनके साथ मारपीट करने वाले सहायक उप निरीक्षक रघुवीर सिंह दांगी, और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
घायल पत्रकारों से मुलाकात के बाद चौहान ने कहा कि उन्हें इस घटना से दुख: पहुंचा है। उन्होंने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि पुलिसकर्मी भविष्य में किसी अन्य के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करें।
इस बीच, मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के कार्यकारी चेयरमैन वीएम कंवर ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को एक सप्ताह में पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुलिसकर्मियों द्वारा पत्रकारों से साथ मारपीट की घटना की निंदा करते हुए कहा, "लोगों की सुरक्षा करने की बजाए पुलिस बेगुनाह पत्रकारों को सता रही है।"
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कल शाम सरकारी जेपी अस्पताल में भर्ती घायल पत्रकारों विजय प्रभात शुक्ला और कृष्णमोहन तिवारी से मुलाकात कर उनकी तबीयत की जानकारी ली और उनके साथ मारपीट करने वाले सहायक उप निरीक्षक रघुवीर सिंह दांगी, और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
घायल पत्रकारों से मुलाकात के बाद चौहान ने कहा कि उन्हें इस घटना से दुख: पहुंचा है। उन्होंने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि पुलिसकर्मी भविष्य में किसी अन्य के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करें।
इस बीच, मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के कार्यकारी चेयरमैन वीएम कंवर ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को एक सप्ताह में पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुलिसकर्मियों द्वारा पत्रकारों से साथ मारपीट की घटना की निंदा करते हुए कहा, "लोगों की सुरक्षा करने की बजाए पुलिस बेगुनाह पत्रकारों को सता रही है।"
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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