विज्ञापन

Exclusive: एक तेज़ आवाज़ हुई और सब भागने लगे थे... PV सिंधु ने NDTV को बताया दुबई में दहशत का आंखों देखा हाल

PV Sindhu on Middle East Crisis: NDTV की पद्मजा जोशी के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सिंधु ने कहा, "मुझे खुशी है कि मैं सुरक्षित घर वापस आ गई. मेरा मतलब है, यह डरावना था, यह एक ऐसा अनुभव है जिसकी कोई उम्मीद नहीं करता..कि आप एक युद्ध में फंस जाए और एयरस्पेस अचानक बंद हो जाए

Exclusive: एक तेज़ आवाज़ हुई और सब भागने लगे थे... PV सिंधु  ने NDTV को बताया दुबई में दहशत का आंखों देखा हाल
PV Sindhu react on Middle East Crisis

PV Sindhu on US Iran War: बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु मंगलवार से शुरू होने वाली मशहूर ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जा रही थीं, और दुबई में उनका एक लेओवर था. लेकिन दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मिडिल ईस्ट में बढ़ते वॉर की वजह से फ्लाइट में आई बड़ी रुकावट के कारण दुबई एयरपोर्ट पर फंस गईं. सिंधु ने बताया कि इसके बाद जो हुआ वह एक "डरावना" अनुभव था. वह मंगलवार को घर लौटीं और NDTV से इस मुश्किल समय के बारे में बात की. NDTV की पद्मजा जोशी के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सिंधु ने कहा, "मुझे खुशी है कि मैं सुरक्षित घर वापस आ गई. मेरा मतलब है, यह डरावना था, यह एक ऐसा अनुभव है जिसकी कोई उम्मीद नहीं करता..कि आप एक युद्ध में फंस जाए और एयरस्पेस अचानक बंद हो जाए.. मैं दुबई में बस ट्रांज़िट में थी और अचानक, सभी फ़्लाइट्स सस्पेंड कर दी गईं."

सिंधु 28 फरवरी को दुबई में लैंड हुईं, और लगभग तुरंत ही एयरस्पेस बंद कर दिया गया था. सिंधु ने कहा, "जब हम 28 तारीख को दोपहर करीब 1 बजे लैंड हुए, तो कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमें बताया कि एयरस्पेस बंद है.. फिर उन्होंने कहा कि फ्लाइट्स लेट हैं, जो सुनने में नॉर्मल लग रहा था. लेकिन इसके तुरंत बाद, उन्होंने हमें बताया कि जो हो रहा है उसकी वजह से सभी फ्लाइट्स सस्पेंड कर दी गई हैं... यह कन्फ्यूजिंग था.  कुछ घंटे पहले, बर्मिंघम जाने वाले मेरे कुछ कलीग्स भी दुबई से होकर सुरक्षित पहुंच गए थे.. इसलिए मैं सोचती रही कि ऐसा क्या बदल गया कि हम फंस गए"

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पैसेंजर्स को ट्रांज़िट होटलों में भेज दिया, लेकिन हज़ारों लोग फंसे हुए थे. सिंधु ने आगे कहा, "वहां बहुत भीड़ थी.. पहले तो कोई जगह नहीं थी, और वे किसी को बाहर निकलने नहीं दे रहे थे क्योंकि इमिग्रेशन बंद था. हमने एयरपोर्ट पर घंटों इंतज़ार किया. आखिरकार, हमें एक होटल में ले जाया गया. "

पीवी सिंधु  ने आगे बताया, "लेकिन मुश्किल यहीं खत्म नहीं हुई..जब हम होटल जाने वाली बस में थे, लेकिन मेरे कोच अभी भी एयरपोर्ट पर थे,  अचानक उन्होंने मैसेज किया कि एक तेज़ आवाज़ हुई है और सब भागने लगे हैं , उन्होंने कहा कि बहुत धुआं था..हमें नहीं पता कि यह धमाका था, मलबा था, या ड्रोन था - लेकिन यह डरावना था. वो सिर्फ़ 100 मीटर दूर था. उन्हें दूसरे होटल में ले जाया गया. हम उसकी सुरक्षा को लेकर बहुत परेशान थे. उस रात, हममें से कोई सो नहीं सका. परिवार से बहुत सारे कॉल आए. यह बहुत मुश्किल समय था. "

अगले दिन और डर लगा.. हालात और खराब हो रहे थे

"हमने अपने होटल की खिड़की से तेज़ आवाज़ें सुनीं..5 या छह बार. हमें अपने फ़ोन पर इमरजेंसी अलर्ट भी मिला जिसमें हमें घर के अंदर रहने और कांच की खिड़कियों से दूर रहने के लिए कहा गया था.  यह दिमागी तौर पर बहुत मुश्किल था.. हम लगातार न्यूज़ देख रहे थे, और ऐसा लग रहा था कि हालात और खराब हो रहे हैं."

सिंधु ने भारतीय अथॉरिटीज़ की बहुत तारीफ़ की.

"मुझे कहना होगा, दुबई में इंडियन कॉन्सुलेट और हमारी सरकार बहुत, बहुत मददगार थे. उन्होंने वहां फंसे बहुत से इंडियन्स की मदद की. मुझे हमारे स्पोर्ट्स मिनिस्टर, बैडमिंटन एसोसिएशन, रक्षा मैम और राममोहन सर के कॉल आए, जो लगातार हमारी सिचुएशन के बारे में पूछ रहे थे. कॉन्सुलेट स्टाफ़ और एयरपोर्ट स्टाफ़ सभी को होटलों में ठहराने की पूरी कोशिश कर रहे थे."

इंडियन कॉन्सुलेट के मेंबर एयरपोर्ट पर मौजूद थे और सिंधु समेत फंसे हुए पैसेंजर्स की मदद कर रहे थे..उन्होंने कहा, "वे सभी से उनके डेस्टिनेशन के बारे में पूछ रहे थे क्योंकि सिर्फ़ दुबई से जाने वाले पैसेंजर्स ही नहीं थे.. US और दूसरे देशों से आने वाले लोग भी फंसे हुए थे. वे हमें लगातार भरोसा दिला रहे थे, हमें खाना, पानी दे रहे थे और कह रहे थे कि सब ठीक हो जाएगा.

आखिरकार, एयरलाइंस ने फंसे हुए पैसेंजर से कॉन्टैक्ट करना शुरू कर दिया. सिंधु ने आगे कहा "हमें एयरलाइन से कॉल आया कि अगर हम भारत लौटना चाहते हैं, तो हमें तुरंत एयरपोर्ट आना चाहिए.. मैंने यह भी पूछा कि क्या लंदन के लिए कोई फ्लाइट है ताकि मैं अभी भी कॉम्पिटिशन कर सकूं, लेकिन कोई फ्लाइट नहीं थी ..सब कुछ बंद था."

सिंधु के पास अपना ऑल इंग्लैंड ओपन कैंपेन छोड़ने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था, उन्होंने कहा "मेरा मतलब है, यह दुख की बात है, लेकिन आखिर में, प्रायोरिटी सेफ रहना था. यह सबसे ज़रूरी था. मैं बस सेफ निकलना चाहती थी."

 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com