अमेरिकी सरकार ने टेक प्रोफेशनल्स के लिए शानदार जॉब्स निकाली है. इस जॉब प्रोजेक्ट के जरिए अमेरिका लगभग 1,000 टेक एक्सपर्ट्स की टीम तैयार कर रहा है. इस प्रोजेक्ट का नाम अमेरिका ने (United States Tech Force) रखा है, जिसमें लगभग 1,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टेक एक्सपर्ट्स को हाई-पेइंग सरकारी नौकरियां दी जाएंगी. इस योजना के तहत चुनी गई नौकरियों में सालाना सैलरी लगभग 1,30,000 डॉलर से 1,95,000 डॉलर तक होगी, जो भारतीय करेंसी में करीब 1 करोड़ से 1.6 करोड़ रुपये के बराबर होता है. अमेरिका के इस प्रोजेक्ट का फोकस अपने सरकारी सिस्टम्स को मॉडर्न बनाना है जिसके लिए उन्हें युवा इंजीनियर्स की तलाश है, यानी टेक की पढ़ाई कर रहे यूथ इस मौके का फायदा उठा सकते हैं.

अमेरिका में 1000 नौकरियां
United States Tech Force के तहत अमेरिका लगभग 1,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टेक एक्सपर्ट्स की भर्ती करेगा. ये दो साल का अर्ली-कैरियर प्रोग्राम होगा, इसमें चुने गए उम्मीदवारों को अमेरिकी सरकार की विभिन्न फेडरल एजेंसियों में फुल-टाइम एप्लाॉयज़ के तौर पर नियुक्त किया जाएगा. यहां वे बड़े स्तर के टेक प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे. इस दौरान उन सभी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा.
1 करोड़ से ज्यादा सैलरी
अमेरिकी सरकार चुने गए उम्मीदवारों को सालाना लगभग 1,30,000 डॉलर से 1,95,000 डॉलर तक सैलरी देगी, जो भारतीय करेंसी में करीब 1 करोड़ से 1.6 करोड़ रुपये के बराबर होता है.

प्राइवेट सेक्टर पार्टनर्स
United States Tech Force को Apple, Amazon Web Services, Microsoft, Meta, Nvidia, OpenAI, Oracle, Uber और xAI जैसी कम से कम 28 बड़ी टेक कंपनियों का साथ मिलेगा. उम्मीदवारों को इन कंपनियों में ट्रेनिंग, मेंटरशिप और एक्सपर्ट सेशन दिए जाएंगे.
किसको मिलेगी नौकरी?
इस 1 करोड़ की सैलरी वाली नौकरी को पाने के लिए आपको किसी खास डिग्री या एक्सपीरिएंस की जरूरत नहीं है. उम्मीदवारों को USA Jobs पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जहां चुने गए उम्मीदवारों का टेक्नीकल टेस्ट, इंटरव्यू और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया होगी. शुरुआत में स्क्रीनिंग Office of Personnel Management यानी OPM करेगा, फिर आखिर में संबंधित एजेंसियां हायर करेंगी. ज्यादातर उम्मीदवारों को वॉशिंगटन डीसी में जॉब दी जाएगी, लेकिन कुछ रोल्स में रिमोट या हाइब्रिड वर्क की सुविधा भी मिलेगी. ये नौकरियां पूरी तरह से नॉन-पॉलिटिकल होंगी. इसका मतलब है कि ये टेक प्रोफेशनल्स बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपने काम को कर सकेंगे.

अमेरिका का फ्यूचर प्लान
अमेरिकी सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 मार्च तक पहले बैच की भर्ती पूरी कर ले और इसे हर साल चलने वाला प्रोग्राम बनाया जाए. अगर यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले सालों में इसका दायरा और बढ़ाया जा सकता है.
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