परमीश वर्मा गाड़ियों के शौक के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में 'Behja' गाने में वे लाल रंग की Lamborghini Huracan चलाते दिखे. लेकिन इस गाने से ज्यादा फैंस का ध्यान उनकी सीटबेल्ट पर गया. स्वैग दिखाने के चक्कर में सिंगर ने बेसिक सेफ्टी रूल्स को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया. परमीश वर्मा के करोड़ों युवा फैंस हैं जो उन्हें अपना रोल मॉडल मानते हैं. जब कोई स्टार बिना सीटबेल्ट के सुपरकार चलाता है तो इससे युवाओं में गलत मैसेज जाता है कि बेल्ट लगाना सिर्फ एक ऑप्शनल चीज है.
म्यूजिक इंडस्ट्री में अक्सर सीटबेल्ट को कपड़े या लुक खराब करने वाली चीज मानते हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या कूल दिखने के लिए जान जोखिम में डालना सही है?
बिना सीटबेल्ट के सुपरकार चलाना क्यों है खतरनाक?
लैंबॉर्गिनी हुराकान जैसी गाड़ियां अपनी तेज स्पीड और पिकअप के लिए जानी जाती हैं. इन गाड़ियों में एयरबैग्स और लेटेस्ट सेफ्टी फीचर्स तो होते हैं लेकिन वे तभी काम करते हैं जब आपने सीटबेल्ट पहनी हो. अगर सीटबेल्ट नहीं बांधी है तो एक्सीडेंट के समय एयरबैग्स भी सही से काम नहीं करेंगे और जान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
कितना लग सकता है फाइन?
भारतीय ट्रैफिक नियमों के मुताबिक बिना सीटबेल्ट गाड़ी चलाना मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194B का उल्लंघन है. इसके लिए 1,000 रुपये का चालान तय है. आजकल बड़े शहरों में AI कैमरों से ऑटोमैटिक चालान कट रहे हैं. भले ही 1,000 रुपये किसी स्टार के लिए बड़ी रकम न हों लेकिन कानून सबके लिए बराबर है. इसके अलावा अगर दुर्घटना होती है तो सीटबेल्ट न पहनने की वजह से इंश्योरेंस क्लेम भी रिजेक्ट हो सकता है.
स्टार्स को समझनी होगी अपनी जिम्मेदारी
म्यूजिक वीडियो में एंटरटेनमेंट होना अच्छी बात है लेकिन नियमों का मजाक उड़ाना सही नहीं है. कलाकारों को यह समझना होगा कि उनके हर कदम का उनके फैंस पर गहरा असर पड़ता है. गाड़ी कितनी भी महंगी या कूल क्यों न हो सड़क पर सेफ्टी हमेशा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.
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