Auto News: भारत में JCB को मिट्टी खोदने वाली मशीन के तौर पर जाना जाता है, लेकिन अब इस कंपनी ने एक ऐसी कार बनाई है जो 563 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है. दिलचस्प बात यह है कि यह कार न पेट्रोल से चलती है, न डीजल से. इसमें साइलेंसर तो होता है, मगर धुआं नहीं निकलता. शायद आपको लगे कि यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की बात हो रही है, लेकिन ऐसा नहीं है. यूके की J.C. Bamford Excavators Limited ने अपनी Hydromax कार के जरिए इसे हकीकत बना दिया है, जो हाइड्रोजन पर चलती है. इस कार की ताकत 1600 हॉर्सपावर के बराबर होती है.
96 की स्पीड पर लगता है पहला गियर
'द सन' के मुताबिक, 32 फीट लंबी इस कार को चलाना आसान नहीं होता क्योंकि इसमें रिवर्स गियर नहीं होता. टेस्टिंग के दौरान एक वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक डिफेंडर गाड़ी इसे धक्का देती है और 96.5 KMPH तक पहुंचाती है, इसके बाद ही पहला गियर लगाया जाता है और यह तेजी से दौड़ने लगती है. हाल ही के एक टेस्ट में, एंडी ग्रीन ने इसे 284.8 KM की स्पीड तक पहुंचाया और फिर फिर पैराशूट की मदद से इसे आराम से रोका.

JCB Hydrogen Car
Photo Credit: Instagram@fia.official
बुगाटी चिरॉन कार भी सामने फीकी पड़ गई
कंपनी बताती है कि JCB की साधारण खुदाई करने वाली मशीन का इंजन 74 हॉर्सपावर देता है और इसकी टॉप स्पीड करीब 48.2 किलोमीटर प्रति घंटा होती है. लेकिन बात जब JCB की हाइड्रोमैक्स कार की हो, तो इसमें दो हाइड्रोजन डिगर इंजन होते हैं, जो मिलकर 1600 हॉर्सपावर बनाते हैं. इतनी ताकत के आगे बुगाटी चिरॉन जैसी सुपरकार भी कमजोर लगती है.
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनता हुआ यूट्यूब पर देख सकेंगे लाइव
स्पीड किंग कहे जाने वाले 64 वर्षीय एंडी ग्रीन करीब 6 हफ्ते बाद JCB की इस हाइड्रोमैक्स कार को अमेरिका के बोनविले साल्ट फ्लैट्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए चलाएंगे, जिसका प्रसारण यूट्यूब पर भी लाइव किया जाएगा. दुनिया के किसी भी कोने में बैठे लोग अपनी मोबाइल स्क्रीन पर इस पल को देख सकेंगे. बताते चलें कि ग्रीन ने इससे पहले साल 2006 में JCB Dieselmax को चलाकर डीजल से चलने वाली गाड़ी की जमीन पर सबसे तेज रफ्तार का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.
JCB कंपनी ने चेयरमैन ने क्या कहा?
JCB के चेयरमैन एंथनी बैमफोर्ड ने कहा कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ तेज रफ़्तार हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि हाइड्रोजन कंबशन टेक्नोलॉजी की क्षमताओं को साबित करने के बारे में भी है. JCB के अनुसार, हाइड्रोजन इंजन कंस्ट्रक्शन और एग्रीकल्चर जैसे उद्योगों के लिए एक अहम विकल्प बन सकते हैं, जहां तेजी से री-फ्यूलिंग और लंबे समय तक काम करना जरूरी होता है.
ये भी पढ़ें:- जयपुर मेट्रो फेज-2 का 4 जुलाई को शिलान्यास करेंगे PM मोदी, प्रहलादपुरा से पिंजरापोल तक पहले चरण में बनेंगे 10 स्टेशन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं