Safety Rating for Electric Rickshaw: कहीं टुनटुन को कहीं टिर्री, ई-रिक्शा भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. देश की सड़कों और गलियों के लिए लोगों की पहली पसंद ई-रिक्शा बन गया है. हालांकि अपनी बनावट और हल्के वजन की वजह से इसको लेकर हमेशा से सेफ्टी कंसर्न रहा है. हालांकि अब इस ई-रिक्शा की किस्मत बदलने वाली है. दरअसल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अब कारों के जैसे ही ई-रिक्शा के लिए Bharat NCAP रेटिंग जारी की जाएगी. यानी यानी अब ई-रिक्शा पर भी 5-स्टार या 4-स्टार का ठप्पा लगेगा, जो बताएगा कि ये रिक्शा एक्सीडेंट की कंडीशन में आपकी जान बचा पाएगा या नहीं.
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— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) May 11, 2026
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
भारत में सड़क हादसे बढ़ रहे हैं. इसी बड़ी समस्या को देखते हुए सरकार अब सेफ्टी को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहती. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है. खासतौर पर ई‑रिक्शा के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कई बार हल्की टक्कर में ही ई‑रिक्शा पलट जाता है. इससे उसमें बैठे यात्रियों और ड्राइवर की जान पर बन आती है. इन्हीं सारी समस्याओं को देखते हुए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है.
कैसे होगा ई-रिक्शा का क्रैश टेस्ट
गडकरी ने बताया कि ई-रिक्शा की सेफ्टी रेटिंग बनाने के लिए स्पेशल कमेटी का गठन कर दिया है. ये कमेटी तय करेगी कि इन छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रैश टेस्ट किस तरह किया जाए. क्योंकि ई-रिक्शा का डिजाइन कारों से अलग होता है, इसलिए इनके लिए स्टैंडर्ड भी अलग रहेंगे.
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बदल जाएगा ई-रिक्शा का स्ट्रक्चर
भारत NCAP रेटिंग लागू होने का मतलब ये है कि अब ई‑रिक्शा पहले से ज्यादा सेफ बनाए जाएंगे. इसके लिए कंपनियों को डिजाइन में कई बदलाव करने होंगे. अब कमजोर और सस्ते लोहे की जगह मजबूत और अच्छी क्वालिटी का मटेरियल इस्तेमाल होगा, जिससे रिक्शा आसानी से ना टूटे.
बसों के लिए बनाए जाएंगे स्टैंडर्ड
नितिन गडकरी ने बसों की सेफ्टी को लेकर कहा कि सरकार ने बसों को बनाने के लिए कई नए स्टैंडर्ड बनाए हैं और भी बनाए जा रहे हैं. कुछ समय के बाद भारत में नई बसें आपको देखने को मिल जाएंगी. गडकरी के अनुसार सरकार सेफ्टी को लेकर अब कोई भी लापरवाही के मूढ में नहीं है. चाहे वो ई-रिक्शा हो या बस. भारत NCAP रेटिंग के जरिए विश्व स्तरीय सुरक्षा यात्रियों को दी जाएगी.
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