अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में भारत की तैयारी को लेकर अपना विजन साझा किया है. नई दिल्ली में आयोजित हो रहे CII Annual Business Summit 2026 के स्पेशल प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, 'जो देश अपनी ऊर्जा पर नियंत्रण रखेगा, वही अपने औद्योगिक भविष्य को आगे बढ़ाएगा. जो देश कंप्यूटिंग और टेक्नोलॉजी पर नियंत्रण रखेगा, वही इंटेलिजेंस और AI के भविष्य को दिशा देगा. और जो देश इन दोनों पर पकड़ बनाएगा, वही आने वाली सदी को आकार देगा.' उन्होंने इसे नई ताकत की ज्योमेट्री बताया.
'बिना ऊर्जा के AI संभव नहीं, क्योंकि...'
अदाणी के अनुसार, इंटेलिजेंस के इस युग में उनकी कंपनी उन भौतिक आधारों (physical foundations) का निर्माण कर रही है, जिन पर डिजिटल भविष्य टिका होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ऊर्जा के AI संभव नहीं है, क्योंकि बिना ऊर्जा के कंप्यूट नहीं हो सकता और बिना कंप्यूट के डेटा सेंटर नहीं चल सकते.
इस मिशन के लिए गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े एकल-साइट नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र (renewable energy plant) पर काम चल रहा है. अदाणी ने बताया कि इस 30-गीगावाट की परियोजना का 35% हिस्सा पहले ही चालू किया जा चुका है, जो भारत के ऊर्जा भूगोल को मौलिक रूप से बदल देगा.
AI इकोनॉमी की पहली परत 'पावर लेयर'
गौतम अदाणी के अनुसार, AI इकोनॉमी की पहली परत 'पावर लेयर' है, क्योंकि विश्वसनीय और किफायती बिजली के बिना प्रोसेसिंग या नेटवर्किंग संभव नहीं है. उन्होंने ऊर्जा और इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जो राष्ट्र शांति के समय अपनी क्षमता निर्माण नहीं करता, उसे संकट के समय इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है.
देश की 'कंपाउंडिंग' तरक्की पर क्या बोले अदाणी?
AI के अलावा गौतम अदाणी ने भारत की अन्य सफलताओं और आर्थिक रफ्तार पर भी अपनी बात रखी. UPI की सफलता पर उन्होंने इसे सिर्फ एक पेमेंट सिस्टम मानने से इनकार करते हुए कहा कि इसने साधारण भारतीयों के हाथों में 'भरोसा' सौंपा है. इसने एक रेहड़ी-पटरी वाले को डिजिटल रूप से विजिबल यानी दृश्यमान बनाया और मोबाइल फोन को संचार के उपकरण से एक आर्थिक उपकरण में बदल दिया.
उन्होंने कहा कि भारत की राह अमेरिका या चीन जैसी नहीं होगी. भारत के पास अपनी अनूठी शक्ति है क्योंकि यहां मांग पहले से ही तैयार है.
भारत की आर्थिक प्रगति पर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 67 साल लगे, लेकिन अगले 2 ट्रिलियन डॉलर सिर्फ 12 वर्षों में जुड़ गए. उनके अनुसार, भारत अब क्रमिक बढ़त (incremental addition) के बजाय 'कंपाउंडिंग एक्सीलरेशन' के दौर में है.
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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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