भारत में टैक्सी सेवाओं के बाजार में एक बड़ा बदलाव आ रहा है. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने देश की पहली सहकारी-संचालित ऑनलाइन कैब सेवा ‘भारत टैक्सी' की शुरुआत कर दी है. अगर आप एक यात्री हैं या टैक्सी ड्राइवर, यह सेवा आपके लिए कमाई और बचत का नया जरिया बनने वाली है. केंद्रीय मंत्री ने इसकी औपचारिक शुरुआत के बाद भारत टैक्सी कैब सर्विस के ढेरों फायदे गिनवाए. ये कैब ड्राइवर्स के लिए तो फायदे का सौदा होगा ही, आम लोगों के लिए भी बेहद सुविधाजनकर और किफायती साबित हो सकता है.
1. यात्रियों के लिए क्या खास है?
- स्थिर किराया (No Surge Pricing): 'भारत टैक्सी' व्यस्त समय (Peak Hours) में भी किराया स्थिर रखने के मॉडल पर काम करेगी. यानी बारिश या ट्रैफिक के दौरान आपको ओला-उबर की तरह बढ़ा हुआ किराया नहीं देना होगा.
- किफायती और सुरक्षित: स्वदेशी विकल्प होने के कारण यह विदेशी निवेश वाली कंपनियों के मुकाबले अधिक सस्ती और सुरक्षित सेवा देने का दावा करती है.
- बुकिंग के विकल्प: इस ऐप के जरिए आप कार, तिपहिया (Auto) और दोपहिया (Bike) वाहन बुक कर सकेंगे.
2. ड्राइवरों (सारथी) के लिए कमाई का फॉर्मूला
- स्वामित्व मॉडल: इस मंच से जुड़ने वाले ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि 'मालिक' भी होंगे.
- ज्यादा पैसा, सीधा खाता: हर ₹100 की कमाई में से ₹80 सीधे ड्राइवर के बैंक खाते में जाएंगे. बाकी ₹20 मंच के संचालन के लिए रखे जाएंगे, लेकिन उस रकम पर भी मालिकाना हक ड्राइवरों का ही होगा और लाभ उनके साथ साझा किया जाएगा.
- जीरो कमीशन: यह बिना किसी छिपे हुए कमीशन के काम करने वाला मॉडल है.
- सामाजिक सुरक्षा: ड्राइवरों (सारथी) को इफको-टोक्यो के माध्यम से व्यक्तिगत दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा. इसके अलावा सेवानिवृत्ति बचत (Retirement Savings) की सुविधा भी दी जाएगी.
3. आपके शहर में कब शुरू होगी सेवा?
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि 'भारत टैक्सी' की वाणिज्यिक शुरुआत फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में हो चुकी है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अगले तीन वर्षों में यह सेवा कश्मीर से कन्याकुमारी (उत्तर से दक्षिण) और द्वारका से कामाख्या (पश्चिम से पूर्व) तक पूरे देश में उपलब्ध होगी.
4. कौन चला रहा है यह सेवा?
इस सेवा का संचालन ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड' कर रही है. इसे देश की 8 शीर्ष सहकारी संस्थाओं ने मिलकर बनाया है, जिनमें शामिल हैं:
- अमूल (GCMMF)
- इफको (IFFCO)
- नैफेड (NAFED)
- नाबार्ड (NABARD)
- कृभको (KRIBHCO)
- NCDC, NDDB और NCEL
पायलट फेज से अब तक 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर इस मंच से जुड़ चुके हैं. एक लाख से अधिक यूजर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है. दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोजाना 10,000 से अधिक ट्रिप्स पूरी की जा रही हैं. दिल्ली में ड्राइवरों की मदद के लिए 7 सहायता केंद्र भी खोले गए हैं.
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