इंटरनेट पर एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक कार के फ्यूल टैंक के ढक्कन पर भारी संख्या में चींटियों को रेंगते हुए दिखाया गया. वीडियो में दावा किया गया कि एथेनॉल में मौजूद मिठास की वजह से चींटियां पेट्रोल टैंक की तरफ आ रही हैं. इस मुद्दे पर अब खुद देश की दिग्गज तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने सामने आकर इस वीडियो का पूरा सच दुनिया के सामने रख दिया है.
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक, मनगढ़ंत और वैज्ञानिक आधार से परे बताया है. बीपीसीएल ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर जो बातें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और गाड़ी की टंकी में चींटियां लगने का संबंध E20 पेट्रोल से बिल्कुल भी नहीं है.
BPCL has examined the claims circulating on social media regarding ants congregating around vehicle fuel filler caps and their alleged association with E20 petrol.
— Bharat Petroleum (@BPCLimited) June 17, 2026
Fuel-grade ethanol used for petrol blending is produced through fermentation and distillation processes that… pic.twitter.com/1qED7xBBhe
क्यों पेट्रोल टैंक की तरफ नहीं आ सकतीं चींटियां?
बीपीसीएल ने इस दावे को खारिज करने के लिए बहुत ही मजबूत वैज्ञानिक तर्क पेश किए हैं जो इस प्रकार हैं:
शक्कर का पूरी तरह खत्म होना: पेट्रोल में मिलाने के लिए जिस फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल को तैयार किया जाता है, उसे फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन की बेहद जटिल प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान अंतिम उत्पाद में से बची हुई शुगर या मिठास के हर एक अंश को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है. इसलिए इसमें कोई मिठास नहीं होती है.
कीड़ों को भगाने वाले तत्व: फ्यूल एथेनॉल के अंदर खास तरह के 'डिनैचुरेंट्स' मिलाए जाते हैं, जिनकी गंध कीड़े-मकोड़ों और चींटियों को आकर्षित करने के बजाय उन्हें दूर भगाती है.
पेट्रोल की तेज गंध: एथेनॉल को जब पारंपरिक पेट्रोल में मिलाया जाता है, तब भी पेट्रोल की अपनी स्वाभाविक और तेज हाइड्रोकार्बन गंध ही सबसे ज्यादा हावी रहती है. इसके आगे एथेनॉल की हल्की गंध का पता भी नहीं चलता.
कम भाप बनना: आम पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में ईंधन की भाप बहुत कम बनती है. इस वजह से ढक्कन के आस-पास ऐसा कोई भी तत्व नहीं बचता जो चींटियों को आकर्षित कर सके.
E85 एथेनॉल पेट्रोल डलवाने पहुंचा एक व्यक्ति, लेकिन उससे पहले उसकी गाड़ी पर चींटियों का जमावड़ा देखकर हर कोई हैरान रह गया। pic.twitter.com/anfz3tAk7P
— ʀᴜᴅʜʀᴀ ʏᴀᴅᴀᴠ🇮🇳 (@Rudhrayadav001) June 14, 2026
क्या होता है असली E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल असल में पारंपरिक पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का एक बेहतरीन मिश्रण है. एथेनॉल एक बायोफ्यूल है जिसे मुख्य रूप से गन्ने और मक्के जैसी फसलों से तैयार किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता को कम करना और पर्यावरण को बचाना है. यह ईंधन साधारण पेट्रोल के मुकाबले बहुत साफ तरीके से जलता है, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य हानिकारक प्रदूषक हवा में बहुत कम मात्रा में घुलते हैं.
भारत पेट्रोलियम के इस आधिकारिक बयान से यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच कोई संबंध नहीं है. सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स बटोरने के लिए इस तरह के भ्रामक वीडियो शेयर किए जा रहे हैं.
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