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सुरेश कुमार

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    प्रशासनिक काम में लगे MNREGA कर्मियों को मिलेगा EPF का लाभ, UP के सोनभद्र जिले से हुई शुरुआत

    महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (MNREGA) के तहत काम पाने वाले लोगों को कर्मचारी भविष्‍य निधि (EPF) की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है. यह सुविधा फिलहाल उत्‍तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के मनरेगा कर्मियों को दी जा रही है.

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    कौन है महाराष्‍ट्र की राजनीति का 'चाणक्‍य'? बेदाग निकले शरद पवार

    23 नवंबर की घटना के बाद शरद पवार के बयान की प्रतीक्षा सबको थी. दोपहर में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ शरद पवार ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. उन्‍होंने कहा कि हम एकजुट हैं और एकजुट रहेंगे. अजित पवार के विषय में कहा कि जो भी हुआ वो उनका निर्णय था. इसमें मेरी या एनसीपी की कोई सहमति नहीं थी.

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    महाराष्‍ट्र में बीजेपी-एनसीपी की सरकार बनने के बाद कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस, कही ये 5 बड़ी बातें 

    न बैंड, न बाजा और न बारात, जिस तरीके से महाराष्‍ट्र में मुख्‍यमंत्री और उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई वह महाराष्‍ट्र के इतिहास में काली स्‍याही से लिखी जाएगी. इन्‍होंने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी. एनसीपी और शिवसेना की साझा प्रेस कांफ्रेंस के बाद कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अहमद पटेल और मल्लिकार्जुन खड़गे प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए. प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत अहमद पटेल ने की और कहा कि महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने के लिए जो दावा पेश किया गया, उसकी सत्‍यता जांची नहीं गई. कोई वेरिफिकेशन नहीं किया गया. ये बेशर्मी की हद है. अहमद पटेल ने कहा कि सभी विधायक हमारे साथ हैं और बीजेपी का सामना करने के लिए मजबूती से साथ खड़े हैं. उन्‍होंने कहा कि सहयोगी पार्टी से सलाह लेने में समय लगा लेकिन सरकार बनाने को लेकर देरी नहीं हुई. अहमद पटेल ने कहा कि आज सुबह में जो भी कांड हुआ उसकी आलोचना करने के सिवा में मेरे पास कोई शब्‍द नहीं है. इससे पहले एनसीपी-शिवसेना की साझा प्रेस कांफ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि अजित पवार ने जो किया उसकी मुझे कतई उम्‍मीद नहीं थी. बीजेपी को समर्थन देना अजित पवार का फैसला था. उसके खिलाफ हम एक्‍शन लेंगे.   

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    महाराष्‍ट्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद NCP-शिवसेना की साझा प्रेस कांफ्रेंस, शरद पवार ने कही ये 5 बड़ी बातें

    महाराष्‍ट्र में हुए महा'सियासी' खेल के बाद एनसीपी प्रमुख नेता शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस की. शरद पवार ने कहा कि शिवसेना की अगुआई में हम सभी एकजुट थें और एकजुट रहेंगे. प्रेस कांफ्रेंस में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जो करते हैं दिन के उजाले में करते हैं. बीजेपी का खेल सारा देश देख रहा है. उन्‍होंने कहा कि ये लोकतंत्र के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है. प्रेस कांफ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि अजित पवार के पास 54 विधायकों के हस्‍ताक्षर वाली चिट्ठी है. हम अजित के खिलाफ एक्‍शन लेंगे. उन्‍होंने कहा कि अजित पवार से ऐसी उम्‍मीद कतई नहीं थी. पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा कि मुझे कोई चिंता नहीं है, मेरे साथ पहले भी ऐसा हो चुका है. पवार ने कहा कि हमारे पास नंबर है, सरकार हम ही बनाएंगे. उन्‍होंने कहा कि ये सरकार सदन में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाएगी.

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    अजित पवार कैसे बने 'गेम चेंजर' और NCP की 'घड़ी' से कैसे बनी BJP की सरकार, पूरी कहानी

    सुबह 8 बजे महाराष्‍ट्र की सियासी तस्‍वीर बदल गई थी. BJP के देवेंद्र फडणवीस फिर से महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री बन गए थे. NCP विधायक दल के नेता अजित पवार उपमुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके थे.

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    क्‍या विपक्ष के नाम पर कांग्रेस सिर्फ विरोध की रस्‍मअदायगी कर रही है?

    लोकसभा में चर्चा के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी से सीधा सवाल किया था- ''मैं मनीष जी से कहना चाहता हूं कि उन्‍होंने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि कांग्रेस अनुच्‍छेद 370 को खत्‍म करने के पक्ष में है या नहीं. कृपया स्‍पष्‍ट करें.''

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    लालू प्रसाद की अनुपस्‍थ‍िति या तेज प्रताप का विद्रोह, आखिर कैसे डूबी बिहार में महागठबंधन की नैया?

    लालू प्रसाद यादव जेल में सजा काट रहे हैं. यह पहला मौका है जब किसी चुनाव में लालू प्रसाद यादव रैली, सभा से दूर रहे. इसका नुकसान उनकी पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल समेत उनके सहयोगी दलों को भी उठाना पड़ा. चुनावी समर में नेतृत्‍व उनके बेटे तेजस्‍वी यादव के कंधों पर था. अभी तक चली आ रही जातिगत समीकरण पर आधारित राजनीति ने सभी दलों को उसके हिसाब से चुनावी मैदान में उम्‍मीदवार उतारने को विवश कर दिया. चाहे एनडीए हो या यूपीए, किसी ने उस फार्मूले से किनारा नहीं किया.

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    कांग्रेस को भारी पड़ गया 'हुआ तो हुआ', जनता ने फिर किया मोदी पर 'विश्‍वास'

    कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मणिशंकर अय्यर के एक बयान ने गुजरात चुनाव की दिशा मोड़ दी थी. ठीक वैसा ही बयान चुनावी अभियान के दौरान कांग्रेस के खेमे से निकला और बीजेपी ने उसका इस्‍तेमाल मिसाइल की तरह करके कांग्रेसनीत गठबंधन के किले को ध्‍वस्‍त कर दिया. वह बयान था सैम पित्रोदा का जो कि सिख दंगों को लेकर दिया गया था- 'हुआ तो हुआ'.

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    वो काम जिनके दम पर मोदी उतरेंगे चुनावी अखाड़े में...

    चुनावी साल में घोषणाओं की झड़ी लगाकर मोदी सरकार ने सर्दी में सावन का एहसास करा दिया. अभी दो दिन भी नहीं हुए थे इस ख़बर को पढ़ते हुए कि देश में 45 वर्ष में बीते वित्‍तवर्ष सबसे ज्‍यादा बेरोज़गारी दर्ज की गई है. वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने तमाम आलोचनाओं को खारिज करते हुए अपने भाषण में सपनों का संसार गुलाबी कर दिया.

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    चुनाव में जाने से पहले नरेंद्र मोदी सरकार उठा सकती है ये '5 कदम'

    लोकसभा और राज्‍यसभा में राफेल पर घमासान मचा हुआ था. राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष सरकार को रोज़-रोज़ राफेल पर बयान देने को मजबूर किए जा रहा था. ऐसे में सदन के पटल पर सरकार के संकटमोचक अरुण जेटली इस सरकार में लगभग वही रोल अदा कर रहे हैं, जो कभी UPA में प्रणब मुखर्जी किया करते थे. जेटली ने शानदार तरीके से राफेल पर सरकार का पक्ष रखा और राहुल गांधी को इस मसले पर ABCD से शुरू कर सीखने की सलाह दी.