बीजेपी के तमाम बड़े नेता बनारस की गलियों में चाय-कचौड़ी के साथ लोगों से मिल रहे हैं
वाराणसी:
भले ही यूपी का चुनाव अंतिम दौर में चल रहा हो, लेकिन यह दौर ही असल में बीजेपी के लिए परीक्षा का दौर है.
एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में बीजेपी के अच्छे दिनों की परख होगी, वहीं पूर्वांचल में मोदी मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों और सांसदों की साख भी दांव पर लगी है. बीजेपी नेताओं का कद पूर्वांचल का चुनाव ही तय करेगा.
पूर्वाचल में चार मार्च और आठ मार्च को मतदान होना है. प्रधानमंत्री ने जहां अपनी रैलियों के माध्यम से पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं मोदी मंत्रिमंडल में शामिल पूर्वाचल के कई मंत्रियों व पूर्वांचल के दर्जनभर सांसदों की जमीनी हकीकत की भी परीक्षा होगी.
इस समय बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता बनारस में डेरा डाले हुए हैं. अमित शाह, रविशंकर प्रसाद, श्रीकांत शर्मा, संतोष गंगवार, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल तथा अरुण जेटली आदि यहां निजी स्तर पर लोगों से मिल रहे हैं. पार्टी ने अलग-अलग तबकों को जोड़ने की जिम्मेदारी भी अलग-अलग नेताओं को दी है.
जैसे कारोबारी वर्ग के साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली बातें कर रहे हैं. स्मृति ईरानी पर इलाके की महिलाओं को संभालने की जिम्मेदारी है. हर मंत्री मीडिया से मुखातिब होकर अपने-अपने विभाग के कामों को गिना रहा है. ये नेता खाने-पीने की दुकानों और चाय के स्टॉल पर लोगों से मिल रहे हैं, उनसे संवाद स्थापित कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधानसभा की आठ सीटों में से तीन ही बीजेपी के पास हैं. मिर्जापुर, आजमगढ़, मऊ व गाजीपुर में कहीं भी कमल नहीं है. बलिया और चंदौली में भी भाजपा के पास इस समय एक-एक विधायक ही हैं. बीजेपी का मीडिया सेंटर और पूरा ऑफिस इस समय बनारस में जमा हुआ है.
केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर से सांसद हैं. उनके क्षेत्र की सात सीटों में से छह पर सपा का कब्जा है और एक पर कौमी एकता दल का कब्जा है. यहां की मोहम्मदाबाद सीट से माफिया मुख्तार अंसारी के भाई सिब्गतुल्ला अंसारी बीएसपी के उम्मीदवार हैं.
मिर्जापुर की सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल अपना दल से हैं. इस समय न सिर्फ यहां बल्कि पड़ोस के जिले सोनभद्र से भी बीजेपी का कोई विधायक नहीं है. अनुप्रिया पर पूवार्ंचल में बीजेपी गठबंधन की सीटें जितवाने की जिम्मेदारी है.
केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय को पूर्वांचल की सीटों का ख्याल रखते हुए ही मोदी सरकार में जगह मिली है. उनका संसदीय क्षेत्र चंदौली है और यहां की सिर्फ एक सीट पर भगवा रंग है.
कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र देवरिया से सांसद हैं. इनके संसदीय क्षेत्र की सिर्फ एक सीट ही भाजपा के पास है. देवरिया व आसपास के जिलों में आने वाली विधानसभा की सीटों के नतीजों से कलराज मिश्र की लोकप्रियता को कसौटी पर परखा जाएगा.
फायर ब्रांड नेता व गोरखपुर के सांसद आदित्य नाथ योगी और बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान भी पूरे जोरों से प्रचार कर रहे हैं. योगी पर गोरखपुर समेत आसपास के लगभग एक दर्जन जिलों में कमल खिलाने की जिम्मेदारी है.
(इनपुट आईएएनएस से भी)
एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में बीजेपी के अच्छे दिनों की परख होगी, वहीं पूर्वांचल में मोदी मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों और सांसदों की साख भी दांव पर लगी है. बीजेपी नेताओं का कद पूर्वांचल का चुनाव ही तय करेगा.
पूर्वाचल में चार मार्च और आठ मार्च को मतदान होना है. प्रधानमंत्री ने जहां अपनी रैलियों के माध्यम से पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं मोदी मंत्रिमंडल में शामिल पूर्वाचल के कई मंत्रियों व पूर्वांचल के दर्जनभर सांसदों की जमीनी हकीकत की भी परीक्षा होगी.
इस समय बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता बनारस में डेरा डाले हुए हैं. अमित शाह, रविशंकर प्रसाद, श्रीकांत शर्मा, संतोष गंगवार, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल तथा अरुण जेटली आदि यहां निजी स्तर पर लोगों से मिल रहे हैं. पार्टी ने अलग-अलग तबकों को जोड़ने की जिम्मेदारी भी अलग-अलग नेताओं को दी है.
जैसे कारोबारी वर्ग के साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली बातें कर रहे हैं. स्मृति ईरानी पर इलाके की महिलाओं को संभालने की जिम्मेदारी है. हर मंत्री मीडिया से मुखातिब होकर अपने-अपने विभाग के कामों को गिना रहा है. ये नेता खाने-पीने की दुकानों और चाय के स्टॉल पर लोगों से मिल रहे हैं, उनसे संवाद स्थापित कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधानसभा की आठ सीटों में से तीन ही बीजेपी के पास हैं. मिर्जापुर, आजमगढ़, मऊ व गाजीपुर में कहीं भी कमल नहीं है. बलिया और चंदौली में भी भाजपा के पास इस समय एक-एक विधायक ही हैं. बीजेपी का मीडिया सेंटर और पूरा ऑफिस इस समय बनारस में जमा हुआ है.
केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर से सांसद हैं. उनके क्षेत्र की सात सीटों में से छह पर सपा का कब्जा है और एक पर कौमी एकता दल का कब्जा है. यहां की मोहम्मदाबाद सीट से माफिया मुख्तार अंसारी के भाई सिब्गतुल्ला अंसारी बीएसपी के उम्मीदवार हैं.
मिर्जापुर की सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल अपना दल से हैं. इस समय न सिर्फ यहां बल्कि पड़ोस के जिले सोनभद्र से भी बीजेपी का कोई विधायक नहीं है. अनुप्रिया पर पूवार्ंचल में बीजेपी गठबंधन की सीटें जितवाने की जिम्मेदारी है.
केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय को पूर्वांचल की सीटों का ख्याल रखते हुए ही मोदी सरकार में जगह मिली है. उनका संसदीय क्षेत्र चंदौली है और यहां की सिर्फ एक सीट पर भगवा रंग है.
कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र देवरिया से सांसद हैं. इनके संसदीय क्षेत्र की सिर्फ एक सीट ही भाजपा के पास है. देवरिया व आसपास के जिलों में आने वाली विधानसभा की सीटों के नतीजों से कलराज मिश्र की लोकप्रियता को कसौटी पर परखा जाएगा.
फायर ब्रांड नेता व गोरखपुर के सांसद आदित्य नाथ योगी और बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान भी पूरे जोरों से प्रचार कर रहे हैं. योगी पर गोरखपुर समेत आसपास के लगभग एक दर्जन जिलों में कमल खिलाने की जिम्मेदारी है.
(इनपुट आईएएनएस से भी)
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