मुख्यमंत्री रघुवर दास का कहना है कि दस हज़ार लोगों पर केस दर्ज नहीं किया गया है (फाइल फोटो)
झारखंड में एक तरफ पहले चरण का चुनाव प्रचार ज़ोर पकड़ रहा है. तो वहीं, राज्य के खूंटी ज़िले में दस हज़ार लोगों के ख़िलाफ़ देशद्रोह के मामले दर्ज करने की खबर है. हालांकि पुलिस ने सफाई दी है कि सिर्फ 172 लोगों के ख़िलाफ़ नामज़द एफ़आईआर दर्ज की गई है, जिसमें 21 लोग कई प्राथमिकी में सामान्य हैं, लेकिन जिन चौंसठ लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की गई है, उसमें सबके ख़िलाफ़ देशद्रोह की धारा नहीं हैं.
आपको बता दें कि पिछले साल स्थानीय शासन की मांग को लेकर पत्थलगढ़ी के नाम से आंदोलन शुरू किया गया था, लेकिन बाद में एक सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद प्रशासन ने यहां के आंदोलनकारियों पर जमकर कार्रवाई की. 45 लोगों को जेल की हवा खानी पड़ी, जिसमें सुमबर सिंह टोंटी भी थे. क़रीब नौ महीने जेल में रहने के बाद वे बाहर आए, लेकिन चुनाव आते ही प्रशासन ने इन्हें अब नोटिस दे दिया है. दूसरी तरफ, कई घरों में अभी भी ताले लटके हैं, तो कुर्की ज़ब्ती के लिए कई घरों को तोड़ दिया गया है. कई आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ़्तारी के डर से भागे हुए हैं.
हालांकि, मुख्यमंत्री रघुवर दास का कहना है कि दस हज़ार लोगों पर केस दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन हर एफ़आईआर में सैकड़ों की संख्या में अज्ञात लोगों को शामिल किया गया है, उसकी चर्चा है. उसी के आधार पर दस हज़ार से ज़्यादा की संख्या बताई जा रही है.फ़िलहाल स्थानीय स्तर पर हर राजनीतिक दल इस बहाने अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश में लगा है.
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