Who is IPS B. Sumathi: हैदराबाद में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक महिला IPS अधिकारी का अनोखा और साहसी कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. मलकाजगिरी की नई पुलिस कमिश्नर IPS बी. सुमति ने आधी रात खुद सड़क पर उतरकर महिलाओं की सुरक्षा का सच जानने का फैसला किया. सलवार-सूट पहनकर और सिर्फ मोबाइल फोन लेकर वह आम महिला की तरह बस स्टॉप पर पहुंचीं. करीब तीन घंटे तक चले इस अंडरकवर ऑपरेशन में जो कुछ उन्होंने देखा, उसने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए.
कौन हैं IPS बी. सुमति?
IPS बी. सुमति 2006 बैच की वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं. उन्हें 1 मई 2026 को मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट की पहली महिला कमिश्नर नियुक्त किया गया. उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच और माओवादी गतिविधियों से जुड़े ऑपरेशनों में भी काम कर चुकी हैं. इसके अलावा वह CID Women Protection Cell में DIG के पद पर भी रह चुकी हैं, जहां उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर काम किया. उन्होंने अपने पुलिस करियर की शुरुआत साल 2001 में वारंगल में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के रूप में की थी.
आधी रात बस स्टॉप पर पहुंचीं महिला कमिश्नर
पद संभालने के तुरंत बाद IPS सुमति ने महिलाओं की सुरक्षा की जमीनी हकीकत जानने का फैसला किया. रिपोर्ट्स पर भरोसा करने के बजाय उन्होंने खुद स्थिति देखने की योजना बनाई. बताया गया कि वह रात करीब 12:30 बजे दिलसुखनगर बस स्टॉप के पास साधारण सलवार-सूट पहनकर पहुंचीं. उनके पास सिर्फ एक मोबाइल फोन था ताकि वह आम महिला यात्री की तरह दिखाई दें.
3 घंटे तक सड़क पर रहीं, कई लोग पहुंचे पास
ऑपरेशन के दौरान कई पुरुष उनके पास आए. कुछ ने बातचीत करने की कोशिश की तो कुछ लोग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखते दिखे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 40 लोग अलग-अलग समय पर उनके आसपास पहुंचे. इस दौरान पुलिस की गाड़ियां भी इलाके से गुजरीं, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं पहचाना क्योंकि स्थानीय पुलिस स्टेशन को इस ऑपरेशन की जानकारी नहीं दी गई थी. करीब 3:30 बजे एक कांस्टेबल को शक हुआ, जिसके बाद नाइट ड्यूटी अधिकारी मौके पर पहुंचे.
ऑपरेशन के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
इस घटना के बाद इलाके में लगातार तीन दिनों तक विशेष नाइट पेट्रोलिंग चलाई गई. इसमें ड्रोन, लोकल पुलिस टीम और She Teams को शामिल किया गया. IPS सुमति ने बताया, कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उनमें ज्यादातर आसपास के प्राइवेट हॉस्टल और किराए के कमरों में रहने वाले किशोर छात्र थे. पुलिस ने उनके परिवार वालों की मौजूदगी में काउंसलिंग भी कराई.
हॉस्टल्स में मिली बड़ी लापरवाही
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इलाके के कई प्राइवेट हॉस्टल्स में CCTV कैमरे नहीं थे या रिकॉर्डिंग ठीक से मेंटेन नहीं की जा रही थी. इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने हॉस्टल मालिकों, मैनेजर्स, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और दुकानदारों के साथ बैठक की. इस बैठक में महिलाओं से छेड़छाड़ रोकने और रात में सुरक्षा बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई.
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे तारीफ
IPS बी. सुमति के इस अंडरकवर ऑपरेशन की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है. लोग इसे जमीनी हकीकत समझने का साहसी और अनोखा तरीका बता रहे हैं. कई यूजर्स ने कहा, कि अक्सर अधिकारी सिर्फ रिपोर्ट्स पर भरोसा करते हैं, लेकिन इस तरह खुद सड़क पर उतरकर हालात समझना बेहद जरूरी है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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