Viral Bike Receipt 1980: सोशल मीडिया पर 1980 की एक पुरानी रसीद ऐसी वायरल हुई है कि, उसे देखकर बड़े बुजुर्गों की आंखें नम हो गई और नौजवानों के होश उड़ गए. जरा सोचिए, जिस कीमत में आज एक ढंग का मोबाइल नहीं मिलता, उतने में कभी चमचमाती 175cc की राजदूत मोटरसाइकिल घर आ जाती थी. चलिए जानते हैं आखिर क्या है ये पूरा माजरा.
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जब राजदूत का टशन था और दाम सिर्फ 10 हजार! (Rajdoot 175cc old price)
इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों 'भारत मोटर्स' की एक पुरानी रसीद गर्दा उड़ा रही है. 20 जून 1980 की इस रसीद के मुताबिक, एक शख्स ने 175cc की राजदूत मोटरसाइकिल खरीदी थी. इसकी बेस कीमत महज 9,000 रुपये थी और 1,000 रुपये टैक्स जोड़कर कुल बिल बना था 10,000 रुपये. आज के दौर में जहां एक अच्छी बाइक की सर्विस और इंश्योरेंस में ही हजारों निकल जाते हैं, वहां पूरी की पूरी गाड़ी 10 हजार में मिलना किसी करिश्मे से कम नहीं लगता. उस दौर में राजदूत सड़क का 'राजा' हुआ करती थी और जिसके पास ये होती थी, समझो उसका इलाके में अलग ही भोकाल होता था.
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राजदूत की पुरानी रसीद हुई वायरल (Vintage Rajdoot Bike Receipt Goes Viral)
सोशल मीडिया पर इस रसीद को शेयर करने वाले यूजर ने जो तुलना की है, उसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. बताया जा रहा है कि 1980 के दशक में 5 हजार रुपये में एक एकड़ जमीन मिल जाया करती थी, यानी जिस 10 हजार में आपने एक मोटरसाइकिल खरीदी, उतने में आप 2 एकड़ (करीब 32 बीघा) जमीन के मालिक बन सकते थे. आज अगर हिसाब लगाएं तो शहर के पास 2 एकड़ जमीन की कीमत करोड़ों में हो सकती है, जबकि 40 साल पुरानी वो मोटरसाइकिल शायद कबाड़ के भाव बिके. लोग कह रहे हैं, 'भाई...काश हमारे दादाजी ने बाइक की जगह जमीन ले ली होती'.
आज के समय में मोटर साइकिल कितनी सस्ती है
— MP Sahab (@MP_m_98) May 13, 2026
1980 में राजदूत मोटर साईकिल 10 हजार में मिलती थी उस समय 5 हजार रूपये एकड़ जमीन मिल जाती थी यानी कि 2 एकड़ जमीन की कीमत में गाड़ी आती थी।
जबकि आज के समय में 2 एकड़ जमीन की कीमत कम से कम 40 लाख बनती है। pic.twitter.com/ABt6OdjkLD
देसी स्टाइल में यादें हुई ताजा (Vintage bike bill)
इस वायरल पोस्ट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. कोई इसे 'सोने जैसा पुराना दौर' कह रहा है, तो कोई आज की ईएमआई (EMI) और पेट्रोल के बढ़ते दामों को कोस रहा है. ये रसीद सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उस वक्त की सादगी की गवाह है, जब खुशियां सस्ती थीं और सुकून ज्यादा. खैर, वक्त बदल गया है और कीमतें भी, अब तो बस ये यादें ही हैं जो दिल को गुदगुदा जाती हैं. यह वायरल रसीद हमें बताती है कि वक्त के साथ पैसे की वैल्यू कितनी बदल गई है. जहां कभी एक बाइक की कीमत में पूरी रियासत खड़ी हो सकती थी, आज वहां सिर्फ एक मिड-रेंज स्मार्टफोन आता है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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