विज्ञापन

जमीन फाड़कर बाहर निकली 'कयामत की नाव', मिट्टी के अंदर मिला सोने का ऐसा खजाना जिसे देख दुनिया दंग!

सोचिए, आप अपने घर के गार्डन में फावड़ा चलाएं और वहां से सोना नहीं, बल्कि पूरा का पूरा इतिहास ही निकल आए. साल 1939 में इंग्लैंड के एक छोटे से खेत में कुछ ऐसा ही 'खेला' हुआ. एक मामूली खुदाई ने वो राज उगले कि बड़े बड़े इतिहासकारों के पसीने छूट गए. क्या था उस 27 मीटर लंबी दफन नाव का राज?

जमीन फाड़कर बाहर निकली 'कयामत की नाव', मिट्टी के अंदर मिला सोने का ऐसा खजाना जिसे देख दुनिया दंग!
सन्नाटे को चीरते हुए बाहर निकला इतिहास का सबसे बड़ा राज, अंधेरी कब्र में मिली सोने से लदी हुई 'कश्ती'!
AI

Sutton Hoo Discovery: बात उन दिनों की है जब दुनिया दूसरे विश्व युद्ध की आहट से सहमी हुई थी. सफोक (Suffolk) के एक आलीशान एस्टेट की मालकिन एडिथ प्रीटी को अपने टीलों में कुछ अजीब महसूस हुआ. उन्होंने बुलाया बेसिल ब्राउन नाम के एक देसी जुगाड़ू, लेकिन माहिर आर्कियोलॉजिस्ट को. बेसिल ने जब फावड़ा चलाया, तो उन्हें क्या पता था कि वो मिट्टी नहीं, बल्कि 'अंधकार युग' (Dark Ages) की कहानियों को खोद रहे हैं. खुदाई के दौरान जमीन के सीने से एक विशालकाय 27 मीटर लंबी लकड़ी की नाव का ढांचा निकल आया. ताज्जुब की बात ये थी कि नाव के साथ बेशुमार दौलत, जेवरात और युद्ध के साजो सामान भी दफन थे.

ये भी पढ़ें:-क्या वो एलियंस हैं? पेंटागन ने जारी किए UFO के वो सबूत जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी दंग हैं!

एक खुदाई और बदल गया इंग्लैंड का नसीब (Dark Ages myth)

इतिहास की किताबों में अब तक पढ़ाया जाता था कि उस दौर के लोग पिछड़े थे, लेकिन इस नाव ने साफ कर दिया कि वो तो उस जमाने के 'इंजीनियर' और 'ग्लोबल बिजनेसमैन' थे. उस कब्र के अंदर से ऐसी चीजें मिलीं, जो मिडिल ईस्ट (Middle East) से आई थीं. अब आप ही बताइए, जो लोग हजारों मील दूर व्यापार कर रहे थे, उन्हें कोई 'पिछड़ा' कैसे कह सकता है? यह कोई मामूली नाव नहीं थी, बल्कि किसी ताकतवर एंग्लो-सैक्सन राजा की अंतिम विदाई का जरिया थी. लोहे के कीलों से कसी हुई वो नाव और उसमें रखे नक्काशीदार हथियार चीख चीख कर कह रहे थे कि उस दौर के हुनरमंदों का हाथ पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन था.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: AI

बेसिल ब्राउन: बिना डिग्री वाला वो 'मिट्टी का पारखी' (Basil Brown: The Self-Taught Genius Behind Sutton Hoo)

सटन हू (Sutton Hoo) की इस खोज ने 'डार्क एजेस' शब्द को हमेशा के लिए डस्टबिन में डाल दिया. आज यह जगह ब्रिटेन का सबसे खास ऐतिहासिक ठिकाना है. अगर बेसिल ब्राउन ने उस दिन मिट्टी की रंगत को न समझा होता, तो शायद ये अनमोल खजाना आज भी गुमनामी के अंधेरे में होता. यह कहानी हमें सिखाती है कि कभी कभी छोटे छोटे कदम भी इतिहास के पन्ने पलट देते हैं.

ये भी पढ़ें:-31 मई की रात आसमान में मचेगा 'ब्लू मून' का शोर, क्या वाकई नीला होगा चंदा 'मामा'?

सटन हू सिर्फ मिट्टी में दबी एक पुरानी नाव नहीं है, बल्कि उस दौर की चमक धमक और रसूख का जीता जागता सबूत है. इसने साबित किया कि हमारे पूर्वज हमसे कहीं ज्यादा समझदार और दुनिया से जुड़े हुए थे.

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल खबर के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com