कैंसर का नाम सुनते ही हम डर जाते हैं. ये बहुत ही कष्टदायक और जानलेवा बीमारी है. कैंसर होने का मतलब लोग मौत समझ लेते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी इच्छाशक्ति के कारण ज़िंदा रहते हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे 1 बार नहीं बल्कि 6-6 बार कैंसर हुआ है. वो सभी को हराकर आज हमारे लिए प्रेरणा बने हुए हैं. इनकी कहानी हमें ये सीख देती है कि कितनी भी मुश्किलें ज़िंदगी में आ जाए, हमें हर मुश्किलों से लड़ना है और जीतना है.
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ये कहानी है राजस्थान के अजमेर के रहने वाले जयंत कंदोई की. इनकी उम्र महज़ 23 साल है. इस उम्र में इन्होंने वो सबकुछ देख लिया, जो हम कभी भी नहीं देखना चाहते हैं. मौत को कई बार हराकर जयंत हमारे लिए सुपरस्चार बने हुए हैं. जयंत बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहे हैं. जयंत हर क्लास में टॉप करते थे. पढ़ाई के अलावा खेल में भी चैंपियन थे.
2013 में जयंत को पहली बार कैंसर हुआ था. कैंसर होने के बाद जयंत का इलाज हुआ .12 कीमोथेरेपी के बाद जयंत पूरी तरह से ठीक हो गए. फिर साल 2015 में जयंत के गले के दूसरी तरफ बीमारी हुई. इस दौरान जयंत को 60 रेडियोथेरेपी से गुजरना पड़ा. इसके बाद जयंत बीकॉम की पढ़ाई करने दिल्ली चले गए. साल 2017 में उन्हें पेट में दर्द होने लगा. जांच में पता चला कि कैंसर है. दो साल तक इलाज चला और वह ठीक हुए.
जयंत की कहानी वाकई में मर्मस्पर्शी है. इतना दर्द झेलने के बावजूद जयंत ने अपनी पढ़ाई पूरी की. एक इंटरव्यू में जयंत ने बताया कि रिलेटिव घरवालों को कहते थे कि ये नहीं बच पाएगा, मगर जयंत ने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया. वो लड़ते रहे और एक बहादुर योद्धा की तरह खड़े रहे.
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