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'न कोई एक्स्ट्रा मनी की मांग, 100% ट्रांसपेरेंसी', महिला ने बताया UK में 3 BHK घर खरीदना, Bengaluru में फ्लैट लेने से कहीं ज्यादा आसान

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने दावा किया है कि भारत में एक फ्लैट लेने से कहीं ज्यादा आसान UK में 3 बीएचके घर खरीदना है.

'न कोई एक्स्ट्रा मनी की मांग, 100% ट्रांसपेरेंसी', महिला ने बताया UK में 3 BHK घर खरीदना, Bengaluru में फ्लैट लेने से कहीं ज्यादा आसान
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बेंगलुरु की एक एंटरप्रेन्योर ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया कि भारत में एक फ्लैट लेने से कहीं ज्यादा आसान यूनाइटेड किंगडम (UK) में घर खरीदना है. उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रही है और इसको लेकर अब खूब चर्चा भी हो रही है. दरअसल, नेहा शर्मा, जो अमेजन में टेक जॉब कर चुकी हैं और JSLovers की फाउंडर हैं. उन्होंने यह अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में दो लोगों की नौकरी की कमाई होने के बावजूद एक फ्लैट खरीदना उनके लिए बहुत महंगा और थकाने वाला साबित हुआ. आखिरकार उन्हें वह फ्लैट बुकिंग कैंसल करनी पड़ी.

UK में घर खरीदना भारत से ज्यादा आसान! 

नेहा ने अपनी पोस्ट में लिखा, “बेंगलुरु में दो लोगों की सैलरी होने के बावजूद हमें एक फ्लैट खरीदने में काफी परेशानी हुई, बाद में हमने इसे कैंसल कर दिया” उन्होंने आगे लिखा कि जब वह UK चली गईं, तो हालात बदल गए. UK जाने के सिर्फ दो साल के भीतर, वह एक ही कमाई पर तीन बेडरूम वाला अलग यानी इंडिपेंडेंट घर खरीदने में सफल रहीं. नेहा के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोग तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं और भारत में घर खरीदना मिडिल‑क्लास के लिए कितना मुश्किल होता जा रहा है, इस पर खुलकर चर्चा हो रही है.

प्रॉपर्टी के बारे में बताते हुए शर्मा ने कहा कि यह घर सभी आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों से पूरी तरह लैस है. घर में गैस कनेक्शन, फ्रिज, डिशवॉशर, वॉशिंग मशीन, ओवन, कार्पेट, अच्छी लाइटिंग, साथ ही बैकयार्ड, पार्किंग की सुविधा और खूबसूरत नजारे भी हैं. उन्होंने लिखा, “यूके आने के 2 साल बाद मैंने एक इंडिपेंडेंट 3 बेडरूम का घर खरीदा. इसमें किचन घर और पार्किंग की सभी सुविधाएं मिली हैं.” शर्मा ने भारत की प्रॉपर्टी व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी की बात उठाई. उनकी पोस्ट के बाद से भारतीय रियल एस्टेट सिस्टम चर्चा तेज हो गई. उन्होंने बताया कि यूके में घर खरीदते समय किसी ने भी ब्लैक मनी की मांग नहीं की. पूरी प्रक्रिया 100% पारदर्शी थी. यही बात लोगों के बीच बहस और प्रतिक्रियाओं की बड़ी वजह बन गई.

दरअसल, भारत में कई लोग मानते हैं कि प्रॉपर्टी की खरीद‑फरोख्त में आज भी ब्लैक मनी चलन में है. शर्मा ने यह भी बताया कि यूके में घर खरीदते समय उन्हें “फर्स्ट बायर” यानी पहली बार घर खरीदने वाले होने पर डिस्काउंट मिला. उनकी बातें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं. कई यूजर्स ने भारत के बड़े शहरों में बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों को लेकर अपनी नाराजगी भी साझा की.

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एक यूजर ने लिखा, “आह! ट्वीट का टाइम देखिए. मैं यूके में एक दोस्त से बात कर रहा हूं, जिसने दो छोटे घर खरीदे हैं और अब मॉर्गेज में फंसा है. तबीयत खराब हुई, कोई सहारा नहीं मिला. अकेलापन क्लिनिकल डिप्रेशन तक पहुंच गया है. वह एक दिन भारत लौटने का सपना देखता है.” एक दूसरे यूजर ने कहा, “अगर कोई सोचता है कि इससे भारत के रियल एस्टेट पर असर पड़ेगा, तो ऐसा नहीं है. भारत में ज्यादातर प्रॉपर्टी बिजनेसमैन, अफसर और सरकारी कर्मचारियों द्वारा खरीदी जाती है. उनके पास बहुत पैसा है. बिल्डर्स मिडिल क्लास IT लोगों पर निर्भर नहीं रहते और वे अब लोअर मिडिल क्लास की ओर भी बढ़ रहे हैं.”

वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यूके में घर सस्ते नहीं हैं. एक यूजर ने लिखा, “लंदन में फ्लैट्स बेहद महंगे हैं और आज की अर्थव्यवस्था में लगभग नामुमकिन. एक 1‑बेड फ्लैट के लिए करोड़ों रुपये देने पड़ते हैं. अलग घर थोड़े सस्ते हो सकते हैं, लेकिन वह भी इलाके पर निर्भर करता है. प्राइम एरिया आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं.”

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