प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस के मौके पर बच्चों से रूबरू होते हुए अपने बचपन की उन बातों को साझा किया, जो शायद आजतक किसी को भी पता नहीं थीं।
बच्चों ने पीएम मोदी से सवाल किया था कि क्या वह भी बचपन में शरारतें किया करते थे। सवाल सुनकर मोदी मुस्कुरा उठे और बोले कि बिना शरारत के बच्चों का विकास रुक जाता है।
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पीएम ने कहा, सच बताऊं तो बचपन में मैं खूब शरारतें किया करता था। पीएम मोदी ने बताया कि कैसे शादियों के मौके पर वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर शहनाई बजाने वालों को इमली दिखाते थे, ताकि उसके मुंह में पानी आ जाए और वह शहनाई बजा न पाए। पीएम ने बताया कि शहनाई बजाने वाला उन्हें मारने के लिए दौड़ता था और वह भाग जाते थे।
यही नहीं, मोदी ने यह भी बताया कि वह शादी में आए महिला-पुरुष मेहमानों की पोशाकें स्टेपल कर दिया करते थे। पीएम का जवाब सुनकर सभी लोग हंस पड़े। हालांकि पीएम ने बच्चों से वादा लिया कि वह कभी ऐसी शरारतें नहीं करेंगे।
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