नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संप्रग सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर बुधवार को जब रिपोर्ट कार्ड पेश किया तो मशहूर शायर अल्लामा इकबाल की शायरी कहना नहीं भूले और कहा, ‘‘सितारों से आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।’’
प्रधानमंत्री ने यह शायरी उस वक्त की जब पत्रकारों ने उनसे यह पूछा कि संप्रग सरकार के नौ साल और संप्रग-दो के चार साल पूरे होने के बाद क्या वह खुश महसूस कर रहे हैं।
इकबाल की शायरी पत्रकारों को सुनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सितारों से आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।’’ सिंह की ओर से कही गयी यह शायरी इसलिए भी अहम है क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल से इनकार नहीं किया था।
जब उनसे यह पूछा गया कि अपनी सरकार के कामकाज को 10 में से कितने नंबर देंगे, इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह तय करना लोगों का काम है।’’
प्रधानमंत्री ने यह शायरी उस वक्त की जब पत्रकारों ने उनसे यह पूछा कि संप्रग सरकार के नौ साल और संप्रग-दो के चार साल पूरे होने के बाद क्या वह खुश महसूस कर रहे हैं।
इकबाल की शायरी पत्रकारों को सुनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सितारों से आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।’’ सिंह की ओर से कही गयी यह शायरी इसलिए भी अहम है क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल से इनकार नहीं किया था।
जब उनसे यह पूछा गया कि अपनी सरकार के कामकाज को 10 में से कितने नंबर देंगे, इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह तय करना लोगों का काम है।’’
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