Viral Video: उत्तराखंड के पहाड़ों में अकेले घूम रही लड़की आभा शर्मा ने एक ट्रिप का अपना अनुभव शेयर किया है. वह उत्तराखंड में काली शिला से नीचे उतरते समय एक 70 साल की दादी से मिली, जिसे देखकर वह हैरान रह गई. सोलो ट्रैवलर बताया कि काली शिला से मैं अपने साथ सिर्फ यादें ही नहीं, बल्कि उससे कहीं ज़्यादा कुछ लेकर लौट रही हूं. यह ट्रिप मुझे जीवनभर याद रहेगी. उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह पहाड़ों पर दादी के साथ चलती हुई नजर आ रही हैं.
इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती हैं ट्रैवल जर्नी
आभा शर्मा खुद को टैरो कार्ड रीडर बताती हैं और इसके साथ ही वह जर्नलिंग गाइड और मूवमेंट कोच भी हैं. एक सोलो ट्रैवलर भी हैं. इंस्टाग्राम पर वह अपनी ट्रैवलर जर्नी से जुड़े वीडियो पोस्ट करती रहती हैं. आभा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह उत्तराखंड के पहाड़ों में एक दादी के साथ नजर आ रही हैं.
काली शिला से नीचे आते मिली 70 साल की दादी
उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि काली शिला से नीचे आते समय उनकी मुलाकात एक कमाल की 70 वर्षीय पहाड़ी दादी से हुई. उन्होंने पहाड़ों के बीच 4-5 किलोमीटर का सफर तय किया था. आभा ने बताया कि इस दौरान कई घंटों की खड़ी चढ़ाई और ढलान वाले रास्ते थे.फिर भी वह लगातार चल रही थीं, बातें कर रही थीं, मुस्कुरा रही थीं और पूरी तरह से ऊर्जा से भरी थीं.
'शारीरिक फिटनेस नहीं, जज्बे से जवान हैं'
सोलो ट्रैवलर आभा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि दादी उत्तराखंड में कालीमठ के पास एक गांव की रहने वाली हैं. वह एक फौजी की पत्नी हैं और उनके चार लड़के हैं. उनमें सच में एक ऐसा जज़्बा है जो बहुत प्रेरित करता है. वह बार-बार कह रही थीं, "हम देश के जवान हैं, न रुके हैं, न थमे हैं... ऐसा कौन सा काम है जो हम कर नहीं सकते?" वह आगे लिखती हैं, "मैं सोचती रही कि असल ताकत इसी को कहते हैं. यह सिर्फ शारीरिक फिटनेस की बात नहीं है, बल्कि एक ऐसा जज़्बा है जो कभी बूढ़ा नहीं होता."
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'काली शिला से यादें नहीं, उससे ज्यादा कुछ लेकर लौटी'
पहाड़ी लोगों में कुछ बहुत ही खूबसूरत बात होती है. उनका अपनापन, सादगी, मुश्किलों से लड़ने की ताकत और ज़िंदगी के साथ उनका एक सहज जुड़ाव ही उन्हें अलग बनाता है. आभा ने लिखा कि आपको किसी मोटिवेशनल स्पीच की ज़रूरत नहीं है. कभी-कभी, बस कुछ मिनट उनके साथ चल लेना ही काफी होता है. काली शिला से मैं अपने साथ सिर्फ यादें ही नहीं, बल्कि उससे कहीं ज़्यादा कुछ लेकर लौट रही हूं. यह ट्रिप मुझे जीवनभर याद रहेगी.
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