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जूतों से दुश्मनों को पीटने वाली रस्म…बदकिस्मती भगाने का अनोखा तरीका, इस देश में निभाई जाती है ये अनोखी परंपरा

शहर की भागदौड़ के बीच, एक फ्लाईओवर के नीचे बैठी महिलाएं...सामने कागज की पुतली और फिर जूते से वार. यह गुस्से का इजहार है या बदकिस्मती को रुखसत करने का तरीका? हांगकांग की यह रस्म हर साल लोगों को हैरत में डाल देती है.

जूतों से दुश्मनों को पीटने वाली रस्म…बदकिस्मती भगाने का अनोखा तरीका, इस देश में निभाई जाती है ये अनोखी परंपरा
जूतों से दुश्मनों को पीटकर जलाने की रस्म, फ्लाईओवर के नीचे निभाई जाती है यह अनोखी रस्म, हर साल हजारों लोग लेते हैं हिस्सा

Hong Kong Bizarre Ritual: दुनिया भर में अनोखी परंपराएं मिलती हैं, लेकिन हांगकांग की एक रस्म अपने रहस्यमय अंदाज के लिए मशहूर है. इसे दा सिउ यान यानी Villain Hitting Ritual कहा जाता है. यह परंपरा मुख्य रूप से मार्च की शुरुआत में निभाई जाती है और बड़ी तादाद में लोग इसमें शामिल होते हैं.

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कैसे निभाई जाती है यह रस्म? (Chinese folk ritual)

कैंटोनीज भाषा में 'दा सिउ यान' कहलाने वाली इस परंपरा में एक कागज की आकृति बनाई जाती है, जो किसी खलनायक या दुर्भाग्य लाने वाले व्यक्ति का प्रतीक होती है. यह कोई परेशान करने वाला सहकर्मी, पुराना साथी या बस बुरी किस्मत का रूप हो सकता है. इसके बाद अनुष्ठान करने वाली महिलाएं प्रार्थना करते हुए उस कागज को जूते से पीटती हैं. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. आखिर में उस पुतली को जला दिया जाता है, जो बुराई के अंत का प्रतीक है.

जिंगजे और सफेद बाघ का रिश्ता (Connection with Jingzhe and White Tiger)

रिपोर्ट्स के अनुसार यह रस्म पारंपरिक चीनी पंचांग के जिंगजे कालखंड के दौरान लोकप्रिय है, जो आमतौर पर मार्च की शुरुआत में पड़ता है. इस दिन कुछ लोग सफेद बाघ को भी प्रसाद चढ़ाते हैं, जिसे दुर्भाग्य से बचाने वाला प्रतीक माना जाता है. हांगकांग में कॉजवे बे के कैनाल रोड फ्लाईओवर के नीचे यह परंपरा खास तौर पर देखी जाती है. सोशल मीडिया पर Hong Kong tradition, Villain Hitting ritual, Da Siu Yan ceremony जैसे कीवर्ड हर साल इस दौरान सर्च में बढ़ जाते हैं.

क्यों अहम है यह परंपरा? (Canal Road flyover Hong Kong)

यह रस्म सिर्फ गुस्से का इजहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और मानसिक सुकून का जरिया भी है. आधुनिक शहर की चकाचौंध में भी लोग अपनी जड़ों से जुड़े हैं, यह इसी का सबूत है. हांगकांग की यह रहस्यमयी परंपरा बताती है कि इंसान हर दौर में बुराई और बदकिस्मती को दूर करने के तरीके तलाशता रहा है. जूते से पिटती कागज की पुतली भले प्रतीक हो, लेकिन उसके पीछे छिपी भावना आज भी जिंदा है.

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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

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