विज्ञापन

इंसान बोलने से पहले 'किस' और 'हग' करना सीख गए थे, 70 लाख साल बाद साइंटिस्ट ने मूंगफली से रिसर्च करके किया दावा

यह खुलासा डरहम यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च में हुआ है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, आपसी भरोसे के लिए छूने की यह आदत इंसानों में बोलने की कला से भी ज्यादा पुरानी है.

इंसान बोलने से पहले 'किस' और 'हग' करना सीख गए थे, 70 लाख साल बाद साइंटिस्ट ने मूंगफली से रिसर्च करके किया दावा
70 लाख साल पुरानी गले मिलने की परंपरा, जानें चिंपैंजी खाना खाने से पहले शांति कैसे बनाए रखते थे?
Unsplash

World News: टेंशन और झगड़े से बचने के लिए सिर्फ हम इंसान ही नहीं, बल्कि हमारे पूर्वज माने जाने वाले वनमानुष (Great Apes) भी एक-दूसरे को 'जादू की झप्पी' देते और चूमते थे. ब्रिटेन की डरहम यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च में यह खुलासा हुआ है. स्टडी के मुताबिक, चिंपैंजी और बोनोबो प्रजाति के वनमानुष खाने-पीने को लेकर होने वाले झगड़े से पहले एक-दूसरे को छूकर भरोसा जताते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि मुश्किल वक्त में गले लगाकर हिम्मत बढ़ाने का यह तरीका इंसानों में भी इन्हीं से आया है. यह आदत करीब 70 लाख साल पुरानी हो सकती है.

मूंगफली देकर पूरी की रिसर्च

रिसर्च टीम ने कांगो और जाम्बिया में रहने वाले चिंपैंजी और बोनोबो पर यह स्टडी की. उन्हें मूंगफली दी गई ताकि देखा जा सके कि वे अपने प्राकृतिक माहौल में कैसे खाते हैं. नतीजे काफी हैरान करने वाले थे. हमेशा गुस्से में रहने वाले चिंपैंजी भी खाना सामने आने से पहले एक-दूसरे के करीब आए. जिन वनमानुषों ने एक-दूसरे को छुआ या गले लगाया, उन्होंने बाद में बिना किसी मारपीट के बड़े आराम से साथ बैठकर मूंगफली खाई.

खिलाड़ियों जैसी टीम स्पिरिट

प्रोफेसर ज़न्ना क्ले ने इनकी इस आदत की तुलना फुटबॉल खिलाड़ियों से की है, जो बड़े मैच से पहले एक घेरा बनाकर खड़े होते हैं. उन्होंने बताया कि टेंशन वाले माहौल से ठीक पहले ये वनमानुष एक-दूसरे के पास आते हैं और गले लगकर भरोसा दिलाते हैं कि 'हम सब एक हैं'. जिन झुंडों में आपसी तालमेल अच्छा था, वहां वनमानुषों ने एक के बाद एक कई साथियों को लगातार गले लगाया. बीबीसी के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने इसे रीएश्योरेंस ट्रेन (Reassurance Trains) का नाम दिया है.

बोलने से भी पुराना है 'टच' का अहसास

यह दिलचस्प रिसर्च 'प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी' जर्नल में छपी है. रिसर्च से जुड़े डॉ. जेक ब्रूकर बताते हैं कि छूकर अपनी बात कहना, बातचीत का सबसे पुराना तरीका है. यह इंसानों के बोलना सीखने से भी बहुत पहले का है. इसलिए, जब आप किसी मुश्किल वक्त में अपने दोस्त के कंधे पर हाथ रखते हैं या उसे गले लगाते हैं, तो असल में आप अपने पूर्वजों की उसी आदत को दोहरा रहे होते हैं जो लाखों साल पुरानी है.

ये भी पढ़ें:- बारिश के किसानों ने करा दी गधों की शादी, बाकायदा सजी बारात और बजे ढोल; हर घर हुआ स्वागत

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Chimpanzees, Science, Animals, Africa, Zara Hatke News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com