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This Article is From Mar 03, 2022

मुसीबत में भी फैसल खान ने नहीं छोड़ा दोस्त कमल सिंह का साथ, टिकट नहीं हुआ तो नहीं आया भारत

कहते हैं, दोस्त बहुत मुश्किल से मिलते हैं. दोस्त के लिए लोग अपने परिजन से ज़्यादा करते हैं. अब फैसल खान को ही ले लीजिए. इनकी दोस्ती पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है. उत्तर प्रदेश हापुड़ के फैसल खान ने दोस्ती की मिसाल कायम की है. 

मुसीबत में भी फैसल खान ने नहीं छोड़ा दोस्त कमल सिंह का साथ, टिकट नहीं हुआ तो नहीं आया भारत

कहते हैं, दोस्त बहुत मुश्किल से मिलते हैं. दोस्त के लिए लोग अपने परिजन से ज़्यादा करते हैं. अब फैसल खान को ही ले लीजिए. इनकी दोस्ती पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है. उत्तर प्रदेश हापुड़ के फैसल खान ने दोस्ती की मिसाल कायम की है. फैसल खान को यूक्रेन से 22 फरवरी को भारत लौटने का मौका मिला था, लेकिन दोस्त कमल सिंह का टिकट नहीं हो पाया, जिसके बाद फैसल और कमल सिंह यूक्रेन में हो रहे युद्ध में फंसे रह गए. जब तक कमल सिंह की टिकट नहीं हुई तब तक फैसल वहीं टिके रहें. दोनों अब साथ में भारत लौटे हैं.

वीडियो देखें

हापुड़ के 19 साल के फैसल खान अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन के इवानो फ्रैंकीस शहर में गए हुए थे. जहां फैसल की दोस्ती काशी के रहने वाले कमल सिंह से हुई. फैसल को 22 फरवरी को भारत लौटने का मौका था. लेकिन जब फैसल खान को पता चला उसके साथ रहने वाला दोस्त कमल सिंह  का टिकट नहीं हो पाया तो फैसल ने भारत आने के लिए इनकार कर दिया.

फैसल खान बृहस्पतिवार की सुबह जब अपने घर पहुंचे तो फैसल खान ने हमें बताया कि 22 फरवरी को उनका टिकट भारत आने का हो गया था. वीडियो के ज़रिए उन्होंने जानकारी दी कि जब फैसल को पता चला कि दोस्त कमल सिंह का टिकट नहीं हुआ तो उन्होंने भारत आने के लिए मना कर दिया.

ये तो हम सभी को पता है कि यूक्रेन की स्थिति अभी बहुत ख़राब है. ऐसे में भारतीय छात्रों को वापस भारत बुलाया जा रहा है. फैसल हमारे लिए एक उदाहरण हैं.

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