China land ownership rules: ज्यादातर लोग जिंदगी भर की कमाई इसलिए जोड़ते हैं, ताकि एक दिन अपना खुद का प्लॉट ले सकें, लेकिन चीन में अगर आप करोड़ों रुपये खर्च करके घर खरीद भी लें, तो भी आप उस जमीन के मालिक नहीं कहलाएंगे. वहां का कानून जमीन को किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं मानता, बल्कि इसे सरकारी खजाने का हिस्सा बताया जाता है. रील की तरह चमकने वाले वहां के शहर, असल में एक लीज पर टिके हुए हैं.
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जमीन नहीं, सिर्फ इस्तेमाल का हक (property rights in China)
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का सीधा नियम है कि, सारी जमीन राष्ट्र की है. वहां कोई व्यक्ति या कंपनी 'जमीन का मालिक' नहीं बन सकती. अगर आप वहां प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो आप दरअसल सरकार से एक लंबा 'लीज एग्रीमेंट' साइन कर रहे होते हैं.
क्या है 70 साल का खेल? (The 70 year lease reality)
वहां जमीन की बिक्री कट्ठा या बीघा में नहीं होती, बल्कि 'समय' में होती है. रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए आमतौर पर 70 साल की लीज दी जाती है. इसका मतलब है कि आप सिर्फ सात दशक तक वहां रह सकते हैं. इसके बाद क्या? सरकार तय करेगी कि लीज रिन्यू होगी या फिर आपसे घर वापस ले लिया जाएगा.
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क्यों अलग है वहां का सिस्टम? (Why this system is unique)
बीजिंग या शंघाई में जो फ्लैट्स आप देखते हैं, उनकी आसमान छूती कीमतें जमीन की नहीं, बल्कि उस पर बने ढांचे और लोकेशन के 'उपयोग अधिकार' की होती हैं. वहां का शहरी विकास तो तेज है, लेकिन एक आम नागरिक के मन में हमेशा अपनी संपत्ति को लेकर एक अनिश्चितता बनी रहती है. चीन का ये सिस्टम भारत के बिल्कुल उलट है. जहां हमारे यहां जमीन पर मालिकाना हक गर्व की बात है, वहीं चीन में आप केवल एक किराएदार की तरह रहते हैं.
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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