कराची:
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी रविवार रात स्वदेश लौट आए। सोमवार से उन्होंने कामकाज भी शुरू कर दिया। इसके साथ ही पाकिस्तान में तख्तापलट की अफवाहों पर विराम लग गया है। अपनी बेटी और निजी कर्मचारियों के साथ 56 वर्षीय राष्ट्रपति भारी सुरक्षा के बीच एक विशेष उड़ान से कराची के पाकिस्तानी वायुसेना के एक हवाई अड्डे पर स्थानीय समयानुसार तड़के एक बजे पहुंचे। राष्ट्रपति का काफिला हवाई अड्डे से बिलावल हाउस पहुंचा, जो उनका निजी पारिवारिक आवास है। हवाई अड्डे और बिलावल हाउस के बीच मार्ग में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। मार्ग से लगे मुख्य चौराहों पर पुलिस ने यातायात रोक दिया था। सिंध प्रांत के गृह मंत्री मंजूर वासन ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति बिलावल हाउस में रहेंगे। हालांकि वासन ने जरदारी के यात्रा का कार्यक्रम के बारे में नहीं बताया और न ही यह जानकारी दी कि वह कब तक बिलावल हाउस में रहेंगे। 56 वर्षीय राष्ट्रपति 6 दिसंबर को उपचार कराने के लिए दुबई चले गए थे। इसके बाद अटकलों का दौर आरंभ हो गया कि कथित तख्तापलट की आशंका के चलते मदद के लिए उन्होंने अमेरिका को जो खुफिया मेमो भेजा था, उसकी वजह से पड़ रहे सेना के दबाव में वह इस्तीफा देने वाले हैं। जरदारी दुबई में अमेरिकन अस्पताल में भर्ती थे, जहां पर उनके स्वास्थ्य की कई तरह की जांच हुई। डॉक्टरों ने जांच के परिणाम को सामान्य बताते हुए जरदारी को आराम और स्वास्थ्य लाभ की सलाह दी थी। सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया था कि जरदारी को आघात हुआ था या वह इस्तीफा देंगे। यह भी कहा गया था कि 27 दिसंबर को उनकी पत्नी, पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पुण्यतिथि पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए वह समय पर पाकिस्तान वापस आ जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट मेमोगेट घोटाले पर जांच से संबंधित एक मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत द्वारा तय सीमा के बावजूद 10 प्रतिवादियों में से केवल जरदारी ने ही अब तक इस संबंध में अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। बिलावल हाउस में राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता एजाज दुर्रानी ने एक बयान में कहा है कि राष्ट्रपति जरदारी पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और उनका स्वास्थ्य बेहतर है। दुर्रानी ने कहा कि इस्लामाबाद जाने से पहले कुछ दिनों तक राष्ट्रपति कराची में रहेंगे। उनका स्वास्थ्य ठीक है और वह जल्द ही राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने लगेंगे। 27 दिसंबर को वह दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पुण्यतिथि के अवसर पर लरकाना में लोगों को संबोधित करने के लिए भी जाएंगे। सूचना मंत्री फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि राष्ट्रपति की वतन वापसी के साथ ही उन लोगों की उम्मीदों को भी झटका लगा है, जो सरकार गिरने का ख्वाब देख रहे थे।
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