विज्ञापन
This Article is From Dec 20, 2011

जरदारी की वापसी सिर्फ अतिथि की तरह?

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की स्वदेश वापसी एक अतिथि भूमिका (कैमियो अपियरेंस) की तरह हो सकती है।
वाशिंगटन: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की स्वदेश वापसी एक अतिथि भूमिका (कैमियो अपियरेंस) की तरह हो सकती है और मरहूम बीवी बेनजीर भुट्टों की मौत की चौथी बरसी के बाद वह हमेशा के लिए पाकिस्तान को अलविदा कह देंगे। पाकिस्तान और पश्चिमी देशों के अधिकारियों के हवाले से अमेरिकी समाचार पत्र द न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर दी है कि जरदारी की वापसी सिर्फ बेनजीर के इंतकाल की बरसी को लेकर हुई है। आगामी 27 दिसंबर को बेनजीर की चौथी बरसी है। अखबार का कहना है कि मरहूम बीवी की बरसी में शामिल होने के बाद 56 वर्षीय जरदारी लंदन अथवा दुबई को स्थायी तौर पर अपना ठिकाना बना सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि जरदारी की वापसी इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि उनके जाने के बाद से सेना की भूमिका बढ़ने और असैन्य सरकार के कमजोर होने की चिंता पनप रही थी। उच्चतम न्यायालय ने मेमोगेट मामले में जरदारी की भूमिका के संदर्भ में भी सुनवाई कर रहा है। न्यायालय ने पाकिस्तानी सरकार से अधिक विवरण मांगा है और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को करेगा।
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
जरदारी, अतिथि
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com