
वाशिंगटन:
अमेरिकी दैनिक समाचारपत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' में भारतीय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की काबिलियत पर सवाल उठाने वाले बुधवार को प्रकाशित एक आलेख पर दिल्ली में जहां तीखी प्रतिक्रिया हुई, वहीं इसे प्रकाशित करने वाले दैनिक के संवाददाता ने कहा है कि वह अपनी बात पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगे।
समाचारपत्र के भारतीय ब्यूरो के प्रमुख व इस लेख को लिखने वाले साइमन डेन्येर ने प्रधानमंत्री कार्यालय के संचार सलाहकार पंकज पचौरी की ओर से की गई एक शिकायत के जवाब में बुधवार को एक ब्लॉग में कहा, मैं अपने लेख पर कायम हूं।
समाचारपत्र के पहले पृष्ठ पर बुधवार को प्रकाशित इस लेख में मनमोहन सिंह को 'निष्प्रभावी' व 'अनिर्णय की स्थिति वाला' नौकरशाह करार देते हुए भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व करने वाला बताया गया था। लेख में उन्हें एक ऐसा व्यक्ति बताया गया, जो अपनी कायरता, शालीनता और बौद्धिक बेइमानी के चलते विकलांग है।
लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए पचौरी ने डेन्येर को लिखे पत्र में कहा, हम सरकार की आलोचना की शिकायत नहीं करते, क्योंकि यह एक पत्रकार का अधिकार है, लेकिन मैं आपकी ओर से किए गए अनैतिक व अव्यावसायिक आचरण की ओर इशारा करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं।
पचौरी ने कहा, बातचीत के सभी रास्ते खुले होने के बावजूद आपने लेख के संबंध में हमारा पक्ष जानने की कोशिश नहीं की, जबकि आप नियमित रूप से मुझसे प्रधानमंत्री कार्यालय की सूचनाएं लेते रहते हैं। यह लेख पूरी तरह से एकतरफा है।
समाचारपत्र के भारतीय ब्यूरो के प्रमुख व इस लेख को लिखने वाले साइमन डेन्येर ने प्रधानमंत्री कार्यालय के संचार सलाहकार पंकज पचौरी की ओर से की गई एक शिकायत के जवाब में बुधवार को एक ब्लॉग में कहा, मैं अपने लेख पर कायम हूं।
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...यह भी पढ़ें...
* अब 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने मनमोहन को 'नाकामयाब' और 'दुखद व्यक्तित्व' कहा...
* आलेख के लिए माफी मांगे 'वाशिंगटन पोस्ट' : अंबिका सोनी
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डेन्येर ने कहा, मेरी माफी इस बात के लिए है कि वेबसाइट डाउन थी और मैं प्रधानमंत्री कार्यालय को अपना जवाब सीधे नहीं भेज सका। जैसे ही यह खराबी दूर हुई, मैंने उन्हें सूचित कर दिया।---------------------------------------------------------------------------------------------
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* अब 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने मनमोहन को 'नाकामयाब' और 'दुखद व्यक्तित्व' कहा...
* आलेख के लिए माफी मांगे 'वाशिंगटन पोस्ट' : अंबिका सोनी
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समाचारपत्र के पहले पृष्ठ पर बुधवार को प्रकाशित इस लेख में मनमोहन सिंह को 'निष्प्रभावी' व 'अनिर्णय की स्थिति वाला' नौकरशाह करार देते हुए भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व करने वाला बताया गया था। लेख में उन्हें एक ऐसा व्यक्ति बताया गया, जो अपनी कायरता, शालीनता और बौद्धिक बेइमानी के चलते विकलांग है।
लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए पचौरी ने डेन्येर को लिखे पत्र में कहा, हम सरकार की आलोचना की शिकायत नहीं करते, क्योंकि यह एक पत्रकार का अधिकार है, लेकिन मैं आपकी ओर से किए गए अनैतिक व अव्यावसायिक आचरण की ओर इशारा करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं।
पचौरी ने कहा, बातचीत के सभी रास्ते खुले होने के बावजूद आपने लेख के संबंध में हमारा पक्ष जानने की कोशिश नहीं की, जबकि आप नियमित रूप से मुझसे प्रधानमंत्री कार्यालय की सूचनाएं लेते रहते हैं। यह लेख पूरी तरह से एकतरफा है।
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