- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु डील पर समझौता नहीं करने पर सैन्य हमले की चेतावनी दी है
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी सैन्य अभियान का कड़ा और तत्काल जवाब देने की बात कही है
- यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित अमेरिकी जंगी बेड़ा मध्य पूर्व क्षेत्र में पहुंच चुका है और सैन्य ताकत बढ़ा दी गई है
US Iran Military Tension: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूरी दुनिया आज एक ही सवाल कर रही है- आखिर आप ईरान में करना क्या चाहते हैं? ट्रंप ईरान को लेकर कभी नरम हैं तो कभी इतने सख्त कि मानों अभी जंग छेड़ दें. उन्होंने ईरान की जनता को भरोसा दिया था. भरोसा इस बात का कि आप सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ आंदोलन करते रहिए, अगर कोई भी हिंसा होगी तो अमेरिका की सेना मदद के लिए आएगी. ट्रंप के इसी भरोसे को दिल में लेकर कथित रूप से 30 हजार लोग मौत के घाट उतर गए लेकिन ट्रंप की मदद नहीं आई. ट्रंप ने आगे कहा कि यहां कोई फांसी नहीं हो रही है और वो नरम पड़ गए. लेकिन एक बार फिर उन्होंने पलटी मार ली है. अमेरिका और ईरान के बीच फिर से फुल स्केल युद्ध का खतरा मंडराता नजर आ रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अगर ईरान उनसे परमाणु डील नहीं करता है तो ईरान में बैठी इस्लामिक सरकार का समय खत्म हो गया है. एक विशाल अमेरिकी सेना बड़ी ताकत, उत्साह और उद्देश्य के साथ ईरान की ओर तेजी से बढ़ रही है.
तो ईरान को लेकर ट्रंप का एंड गेम क्या है? सवाल है कि वो बार-बार पलटी क्यों मार रहे हैं. क्या वाकई पिछली बार उनकी सैन्य तैयारी पूरी नहीं थी. क्या इसबार उन्होंने ईरान पर हमला करने की ठान ली है. चलिए समझने की कोशिश करते हैं.
Q- अब ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
ट्रंप इस बात को लेकर साफ हैं कि ईरान पर हमला करने के लिए उनकी सैन्य तैयारी पुख्ता हो गई है. डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान को चेतावनी दी है कि खाड़ी में अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ा ली है और अब उसे किसी कीमत पर अमेरिकी के साथ परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करना होगा. ट्रंप ने कहा कि समझौते पर बातचीत करने का "समय समाप्त होता जा रहा है".
ट्रंप ने सीधे-सीधे ईरान को सैन्य हमले की धमकी दी है और ईरान को याद दिलाया है कि कैसे अमेरिका ने वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सत्ता को उखाड़ फेंका है. दरअसल फाइटर जेट्स ले जाने में सक्षम अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln carrier) और उसके साथ तमाम सहायक युद्धपोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में आ गए हैं. ट्रंप अब फुल कॉन्फिडेंस में हैं और उन्होंने कहा है कि वेनेजुएला में अमेरिका ने जो सैन्य बेड़ा भेजा था, यूएसएस अब्राहम लिंकन बेड़ा उससे भी बड़ा है. "यदि आवश्यक हो तो गति और हिंसा के साथ अपने मिशन को तेजी से पूरा करने के लिए तैयार है".
Q- ईरान ने क्या जवाब दिया?
ईरान ने भी ट्रंप की धमकियों का जवाब दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को चेतावनी दी कि उसकी सेना किसी भी अमेरिकी सैन्य अभियान का तुरंत और जोरदार जवाब देगी. अराघची ने कहा कि सेनाओं की "ट्रिगर पर उंगलियां" हैं. अराघची ने X पर पोस्ट किया, "ईरान ने हमेशा पारस्परिक रूप से लाभकारी, निष्पक्ष और न्यायसंगत परमाणु समझौते का स्वागत किया है- यह समान स्तर पर हो और जबरदस्ती, धमकियों से मुक्त हो. यह समझौता ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रौद्योगिकी के अधिकारों को सुनिश्चित करता होगा और कोई परमाणु हथियार नहीं होने की गारंटी देगा."
उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु हथियार चाहता ही नहीं है और न ही कभी उन्हें हासिल करने की जिद्द की है. उन्होंने दोहराया कि उनका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नागरिक उद्देश्यों के लिए है, बिजली पैदा करने के लिए है.
Q- ईरान को लेकर ट्रंप कैसे बार-बार अपना स्टैंड बदल रहे हैं?
- 29 दिसंबर: ट्रंप ने कहा 'हम उन्हें खत्म कर देंगे'
- 2 जनवरी: ट्रंप ने कहा 'हम लॉक हो गए हैं और लोड हो गए हैं और जाने के लिए तैयार हैं'
- 6 जनवरी: ट्रंप ने कहा 'ईरान को फिर से महान बनाएं'
- 10 जनवरी: ट्रंप ने कहा 'अमेरिका मदद के लिए तैयार है!!!'
- 13 जनवरी: ट्रंप ने कहा 'मदद आ रही है'
- 14 जनवरी: ट्रंप ने कहा 'ईरान में हत्याएं रुक रही हैं'
- 22 जनवरी: ट्रंप ने कहा 'हमारे पास उस दिशा में जाने वाले बहुत सारे जहाज हैं'
- 28 जनवरी: ट्रंप ने कहा ईरान के लिए 'समय खत्म हो रहा है'
Q- अमेरिका और ईरान के बीच कितना करीब है युद्ध?
अभी अमेरिका के पास ईरान को घेरने की पूरी तैयारी है.
- फाइटर जेट्स ले जाने में सक्षम अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन पूरे स्ट्राइक ग्रूप के साथ ईरान के पास पहुंच चुका है. इससे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिका की मारक क्षमता में बहुत वृद्धि हो गई है.
- ओपन-सोर्स टूल का उपयोग करते हुए, बीबीसी ने रिपोर्ट छापी है कि इस क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ गई है. सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि कम से कम 15 लड़ाकू जेट जॉर्डन के मुवाफ्फाक वायु सेना बेस पर पहुंचे हैं.
- जॉर्डन, कतर और हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पहुंचने वाले फाइटर जेट्स की संख्या में भी वृद्धि हुई है.
- बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार मिडिल ईस्ट में आने वाले दर्जनों मालवाहक विमानों और ईंधन भरने वाले विमानों की पहचान की है. ड्रोन और पी-8 पोसीडॉन जासूसी विमानों को ईरानी हवाई क्षेत्र के पास फ्लाइटराडार24 ट्रैकिंग साइट पर देखा गया है.
दूसरी तरफ अमेरिका को दिख रहा है कि ईरान की खामेनेई सरकार बहुत कमजोर हो चुकी है. बुधवार को अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति से बात करते हुए, अमेरिका के विदेस मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरानी शासन शायद पहले से कहीं ज्यादा कमजोर है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कई सूत्रों ने कहा कि ट्रंप ईरान के खिलाफ हमलों के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. वो चाहते हैं कि फिर से ईरान के प्रदर्शनकारी आंदोलन करने सड़क पर उतर जाए. ट्रंप उन्हें प्रेरित करने के लिए सुरक्षा बलों और नेताओं पर टारगेटेड हमले कर सकते हैं.
Q- मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल क्यों?
अमेरिका की तरफ से सैन्य हमले की धमकी मिलने के बाद ईरानी अधिकारी मिडिल ईस्ट के बाकी देशों से बातचीत करने में लग गए हैं. इनमें से दो देशों, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने संकेत दिया है कि वे किसी भी हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति अमेरिका को नहीं देंगे. ईरानी अधिकारियों ने कतर को भी कॉल लगाया है. यहां भी अमेरिकी सेना का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है. ईरान ने तुर्की और मिस्र से भी बात की है. शायद अमेरिका को यह जानकारी पहले से थी. ऐसे में अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन जंगी जहाज के बेडे़ और कई गाइडेड मिसाइल वाले विध्वंसक फाइटर प्लेन को इस क्षेत्र में भेज दिया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र से हमले करने के लिए किया जा सकता है.
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