वाशिंगटन/लंदन:
अमेरिका स्थित सुरक्षा थिंक टैंक स्ट्रेटफोर पर 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में इंसाफ के लिए आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कराने का आरोप लगा है।
बहुचर्चित वेबसाइट विकीलीक्स की ओर से गोपनीय ईमेल प्रकाशित किए गए हैं, जिनसे स्ट्रेटफोर जासूसी के आरोप लगे हैं। ये ईमेल जुलाई, 2004 से दिसंबर, 2011 के बीच के हैं।
विकीलीक्स ने कहा, ‘स्ट्रेटफोर ने बड़ी कंपनियों को गोपनीय खुफिया सेवाएं मुहैया कराईं। इनमें भोपाल की डाउ केमिकल्स, लॉकहीड मार्टिन, नॉथ्रोप ग्रुममैन, रेथोन और अमेरिकी गृह विभाग सहित सरकारी एजेंसियां हैं जिन्हें स्ट्रेटफोर ने खुफिया सेवाएं मुहैया कराईं।’
इसपर स्ट्रेटफोर की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है, हालांकि टेक्सास स्थित थिंक टैंक की वेबसाइट का कहना है कि वो अपनी सभी सामाग्रियां मुफ्त में मुहैया कराती है।
बहुचर्चित वेबसाइट विकीलीक्स की ओर से गोपनीय ईमेल प्रकाशित किए गए हैं, जिनसे स्ट्रेटफोर जासूसी के आरोप लगे हैं। ये ईमेल जुलाई, 2004 से दिसंबर, 2011 के बीच के हैं।
विकीलीक्स ने कहा, ‘स्ट्रेटफोर ने बड़ी कंपनियों को गोपनीय खुफिया सेवाएं मुहैया कराईं। इनमें भोपाल की डाउ केमिकल्स, लॉकहीड मार्टिन, नॉथ्रोप ग्रुममैन, रेथोन और अमेरिकी गृह विभाग सहित सरकारी एजेंसियां हैं जिन्हें स्ट्रेटफोर ने खुफिया सेवाएं मुहैया कराईं।’
इसपर स्ट्रेटफोर की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है, हालांकि टेक्सास स्थित थिंक टैंक की वेबसाइट का कहना है कि वो अपनी सभी सामाग्रियां मुफ्त में मुहैया कराती है।