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कौन थे रॉबर्ट मुलर? जिनकी मौत पर ट्रंप ने जताई खुशी, इनकी जांच से अमेरिका में आया था भूचाल!

रॉबर्ट मुलर वियतनाम युद्ध में सैनिक के रूप में सेवा दे चुके थे. उन्हें पर्पल हार्ट से भी सम्मानित किया गया था. रॉबर्ट मुलर को साल 2001 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने FBI निदेशक नियुक्त किया था. वो 2013 तक एफबीआई निदेशक के पद पर रहे.

कौन थे रॉबर्ट मुलर? जिनकी मौत पर ट्रंप ने जताई खुशी, इनकी जांच से अमेरिका में आया था भूचाल!
रॉबर्ट मुलर की मौत पर ट्रंप ने क्यों जताई खुशी?
  • रॉबर्ट मुलर अमेरिका के पूर्व FBI निदेशक थे, जिनका निधन 81 वर्ष की उम्र में हुआ है.
  • मुलर ने 11 सितंबर के आतंकवादी हमले के बाद FBI को आतंकवाद-विरोधी एजेंसी में बदलने का काम किया था.
  • 2017 में उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में स्पेशल काउंसल नियुक्त किया गया था रूस से चुनाव प्रभाव जांच के लिए.
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'रॉबर्ट मुलर का निधन हो गया. अच्छा हुआ, मुझे खुशी है कि वह मर गए. अब वह निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते!'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह पोस्ट सोशल मीडिया पर लिखा है. जिन रॉबर्ट मुलर (Robert S Mueller) की मौत पर ट्रंप ने खुशी जताई, वह अमेरिका के एक बड़े अधिकारी थे. उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने नामांकित किया था. अब आप सोच रहे हैं कि एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी की मौत पर ट्रंप खुशी क्यों जता रहे हैं. आखिर ट्रंप का इनसे क्या बैर था. आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में. 

कौन थे रॉबर्ट मुलर

रॉबर्ट मुलर अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर थे. उनका जन्म 7 अगस्त 1944 को न्यूयॉर्क में हुआ था. उनके परिजनों के अनुसार बीते शुक्रवार की रात को उनका 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. मुलर पार्किंसंस से पीड़ित थे. परिजनों द्वारा मुलर के निधन की खबर दिए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी मौत पर खुशी जताते हुए पोस्ट लिखा. 

रॉबर्ट मुलर की मौत पर ट्रंप पर पोस्ट.

रॉबर्ट मुलर की मौत पर ट्रंप पर पोस्ट.

मुलर वियतनाम युद्ध में सैनिक के रूप में सेवा दे चुके थे. उन्हें पर्पल हार्ट से भी सम्मानित किया गया था. रॉबर्ट मुलर को साल 2001 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने FBI निदेशक नियुक्त किया था. वो 2013 तक एफबीआई निदेशक के पद पर रहे. इस दौरान उन्होंने जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा दोनों राष्ट्रपति के साथ काम किया. 

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बतौर FBI निदेशक मुलर को शुरुआत में ही तब बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था, जब 11 सितंबर को अमेरिका में बड़ा आतंकी हमला हुआ. इसके बाद उन्होंने एफबीआई को एक सामान्य कानून प्रवर्तन एजेंसी से आतंकवाद-विरोधी बल में बदला. 2013 में FBI निदेशक पद से रिटायर होने के बाद 2017 में मुलर को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में स्पेशल काउंसल नियुक्त किया गया, ताकि 2016 के चुनाव में ट्रंप अभियान और रूस के बीच कथित अवैध समन्वय की जांच हो सके.

डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में स्पेशल काउंसल बनने के बाद मुलर ने एक ऐसी जांच की, जिसने अमेरिका में भूचाल ला दिया था. इसी जांच के कारण आज उनकी मौत पर ट्रंप ने खुशी जताई है. 

क्या थी रॉबर्ट मुलर की वो जांच

दरअसल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के अभियान पर रूस से मिलीभगत का आरोप लगा था. तब मुलर ने 22 महीनों तक गहन जांच की थी.  मुलर ने 448 पन्नों की रिपोर्ट में ट्रंप अभियान और रूस के बीच संपर्कों का जिक्र किया था, लेकिन उन्होंने किसी आपराधिक साजिश का आरोप नहीं लगाया गया. उनकी जांच को ट्रंप ने अन्यायपूर्ण जांच कहा था. 

ट्रंप और उनके समर्थकों ने हमेशा मुलर को एक भ्रष्ट अधिकारी के रूप में पेश किया, जबकि उनके विरोधियों ने मुलर को एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ लोक सेवक माना. ट्रंप की यह हालिया टिप्पणी उनके पुराने कड़वे रिश्तों और मुलर के प्रति उनके गुस्से को एक बार फिर दर्शाती है.

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