- नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद रिक्सडैग के लिए सितंबर 2026 में चुनी गईं, ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की.
- उनका जन्म स्वीडन में हुआ, लेकिन बचपन महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीता और उनका भारत से गहरा जुड़ाव है.
- नीला ने स्वीडन के गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में स्नातक तथा एमबीए की डिग्री प्राप्त की.
नीला विखे पाटिल स्वीडन में भारतीय मूल की पहली महिला सांसद बनी हैं. नीला विखे पाटिल ने सितंबर 2026 में स्वीडन की संसद रिक्सडैग (Riksdag) के लिए चुना गया है. उन्होंने राजधानी स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की है. जिसके बाद वह स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद का हिस्सा बनी हैं. नीला विखे पाटिल का भारत में संबंध महाराष्ट्र से जुड़ा है. नीला महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखती है. उनके पिता अशोक विखे पाटिल महाराष्ट्र के प्रख्यात शिक्षाविद् के रूप में जाने जाते हैं. वो अभी विखे पाटिल फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं. वहीं नीला के दादा बालासाहेब विखे पाटिल भारत की वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री और आठ बार के सांसद रह चुके हैं. नीला विखे के चाचा राधाकृष्ण विखे पाटिल महाराष्ट्र सरकार में भाजपा के कोटे से मंत्री हैं.
नीला के परदादा विठ्ठलराव विखे पाटिल ने एशिया की पहली को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री की स्थापना की थी. इस फैमिली बैकग्राउंड से आप सहज ही समझ गए होंगे नीला विखे पाटिल को राजनीति विरासत में मिली है.
जन्म स्वीडन में, लेकिन बचपन महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीता
नीला का जन्म स्वीडन में हुआ था, लेकिन उनके जीवन के शुरुआती शुरुआती साल महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीते. जिससे उनका भारत से गहरा जुड़ाव है उन्होंने स्वीडन के गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में स्नातक और MBA की डिग्री हासिल की है. उन्होंने मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय से भी एमबीए किया है. वह साल 2020 से वैश्विक प्रोफेशनल सेवा नेटवर्क PwC में कार्यरत हैं. अप्रैल 2025 में एक अधिकृत सार्वजनिक लेखाकार बनीं.
25 साल से स्वीडन की ग्रीन पार्टी में सक्रिय हैं नीला
नीला पिछले लगभग 25 वर्षों से स्वीडन की ग्रीन पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़ी हैं. वह स्टॉकहोम नगर निगम की सिटी काउंसिल (नगर परिषद) की सदस्य रह चुकी हैं. नीला ने स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राजनीतिक सलाहकार के रूप में भी काम किया था. जहां उन्होंने वित्त, कराधान और आवास जैसे महत्वपूर्ण मामलों को संभाला था.
स्वीडन की सांसद चुनी जाने के बाद नीला विखे पाटिल ने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जो मतदान नहीं कर सकते, और उनका मुख्य फोकस बच्चों के कल्याण और पर्यावरण स्थिरता जैसे मुद्दों पर रहेगा.
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