- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर चुना गया.
- मुजतबा खामेनेई का 9 मार्च को नियुक्ति के बाद से न तो कोई ऑडियो और न ही वीडियो सार्वजनिक हुआ है.
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुजतबा संभवतः घायल हैं लेकिन किसी न किसी रूप में जीवित हैं.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का सुप्रीम लीडर चुना गया है. जंग के बीच 9 मार्च को सुप्रीम लीडर के रूप में मुजतबा खामेनेई के नाम का ऐलान किया गया. हालांकि इस ऐलान के बाद से मुजतबा खामेनेई का न ऑडियो और न ही कोई वीडियो सामने आया है. वहीं अमेरिका ने दावा किया है कि मुजतबा या तो मारे गए हैं या कोमा में चले गए हैं. ऐसे में वो कहां हैं, इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्ति के चार दिन बाद भी मुजतबा खामेनेई का कुछ पता नहीं है. अब तक उनका न कोई ऑडियो आया है और न ही कोई वीडियो सामने आया है. हालांकि उनकी ओर से एक लिखित संदेश जरूर जारी किया गया है, जिसे ईरान के सरकारी टेलीविजन पर पढ़ा गया. इस संदेश में उन्होंने युद्ध को लेकर अपनी बात रखी और ईरान के सशस्त्र बलों की जमकर प्रशंसा की तो हमला करने वाले देशों से हर्जाने की मांग भी की.

Photo Credit: AFP
अटकलों को खत्म करने का प्रयास नहीं
ईरान के एक टीवी एंकर ने लंबे बयान को पढ़ने से पहले घोषणा करते हुए कहा, "इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता, महामहिम अयातुल्ला सैयद मुजतबा हुसैन खामेनेई का पहला संदेश!"
हालांकि ईरान की ओर से खामेनेई की स्थिति को लेकर चल रही अटकलों को खत्म करने का कोई प्रयास नहीं किया गया और बयान के साथ नए नेता के भाषण का कोई वीडियो या ऑडियो या यहां तक कि कोई नई तस्वीर भी नहीं दिखाई गई. इसके बजाय बयान को खामेनेई की एक पुरानी तस्वीर और कंप्यूटर से बने इस्लामी गणराज्य के झंडे की पृष्ठभूमि में पढ़ा गया.
28 फवरी के हमले में घायल होने का दावा
मुजतबा खामेनेई पिछले कुछ वक्त से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि 28 फरवरी के हमले में मुजतबा खामेनेई घायल हो गए थे. इसी हमले में उनके पिता की मौत हुई थी. तब से उनकी कोई नई और सत्यापित तस्वीर या सार्वजनिक मौजूदगी सामने नहीं आई है.
हालिया हमलों और उनकी हालत को लेकर लगातार हो रही चर्चा के बीच 'द सन' अखबार की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 56 साल के धर्मगुरु ने कम से कम एक पैर खो दिया है और हमलों में उनके पेट या लीवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है. इन हमलों में उनकी पत्नी, एक बहन, भतीजी और उनके पिता सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
वहीं ईरान के एक राजदूत ने कहा कि मुजतबा खामेनेई युद्ध की शुरुआत में हुए हमले में घायल हो गए थे. राजदूत अलीरेजा सलारियन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा, "मैंने सुना है कि उनके पैरों, हाथ और बांह में चोट आई है... मुझे लगता है कि वे घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं."

जिंदा हैं मुजतबा खामेनेई: ट्रंप
हालांकि अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई "किसी न किसी रूप में" जीवित हैं. ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी मीडिया की उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया था कि 28 फरवरी को तेहरान परिसर पर हुए हमले में खामेनेई के पिता की मौत हो गई थी और अमेरिकी-इजरायली हमलों में वे घायल हो गए थे और संभवतः कोमा में हैं.
फॉक्स न्यूज रेडियो के ब्रायन किलमीड शो में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि वे शायद जीवित हैं. मुझे लगता है कि वे घायल हैं और किसी न किसी रूप में जीवित हैं. यह साक्षात्कार गुरुवार को रिकॉर्ड किया गया था और शुक्रवार सुबह प्रसारित हुआ.
युद्ध शुरू होने के बाद से मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. यही कारण है कि उन्हें लेकर अटकलें लग रही हैं और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर मुजतबा कहां हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं