- ईरान और इजरायल के बीच युद्ध का एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं
- इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध ने अपने आधे से ज्यादा सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं
- नेतन्याहू ने युद्ध खत्म करने की कोई समय सीमा नहीं बताई और फिलहाल इसे जारी रखने का संकेत दिया
ईरान-इजरायल युद्ध को 1 महीना पूरा हो चुका है, लेकिन मिसाइलें और ड्रोनों की बौछार कम नहीं हो रही. अमेरिका और इजरायल रुकने को तैयार नहीं. ईरान भी जवाब देने से नहीं चूक रहा. हर कोई बस यही जानना चाहता है कि ये जंग कब रुकेगी. लेकिन युद्ध फिलहाल तो रुकता नहीं दिख रहा. नेतन्याहू ने भी इस बात के संकेत दे दिए हैं. इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने की थी. लेकिन अब वह ये नहीं बता रहे हैं कि युद्ध खत्म कब होगा. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तो कह रहे हैं कि ईरान के खिलाफ युद्ध अपने आधे से ज्यादा के लक्ष्य को हासिल कर चुका है. यह खत्म कब होगा, इसकी कोई टाइम लिमिट हीं है. सोमवार को आए नेतन्याहू के बयान से लग रहा है कि वे युद्ध खत्म करने के मूड में फिलहाल तो नहीं हैं.
जंग पर नेतन्याहू का बड़ा बयान
नेतन्याहू ने अमेरिका के न्यूज़मैक्स से कहा कि ये जंग निश्चित रूप से आधे से ज्यादा लक्ष्य पूरा हो चुका है. लेकिन वह जंग की कोई समयसीमा तय नहीं करना चाहते. नेतन्याहू ने कहा कि उनका मतलब ये है कि मिशन के लिहाज से ये जंगआदे से ज्यादा पूरी हो चुकी है, लेकिन समय के लिहाज से नहीं. बता दें कि ईरान के खिलाफ इजरायल का साथ देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुरू में ही कह दिया था कि ये जंग करीब चार से छह हफ्ते तक चलेगी. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि यह जंग महीनों के बजाय कुछ हफ्ते और चलेगा, क्योंकि इस जंग की वजह से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और अमेरिकी जनता इसका बड़े स्तर पर विरोध कर रही है.
ये भी पढ़ें- 21वीं सदी में युद्ध की दिशा तय कर रहे हैं ड्रोन + डेटा + AI, क्या होना चाहिए भारत का प्लान
ईरान का इस्लामी गणराज्य गिरने का दावा
नेतन्याहू ने कहा कि जंग में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हजारों सदस्यों को मारे जाने समेत कई लक्ष्य हासिल किए गए हैं. अमेरिका संग मिलकर वह ईरान के हथियार उद्योग को लगभग खत्म करने के करीब हैं. ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ ही वे पूरे औद्योगिक आधार को ही नष्ट कर रहे हैं.नेतन्याहू का विश्वास है कि ईरान का इस्लामी गणराज्य गिर जाएगा, हालांकि उन्होंने फिर से कहा कि यह लक्ष्य नहीं है.
ईरान के खिलाफ जंग का मकसद क्या?
नेतन्याहू ने कहा कि उनको लगता है कि ईरानी शासन आंतरिक रूप से ढह जाएगा, लेकिन फिलहाल वह जो कर रहे हैं वह उनकी सैन्य क्षमता, मिसाइल क्षमता, परमाणु क्षमता को कम करना और उन्हें अंदर से कमजोर करना है. नेतन्याहू और ट्रंप बार-बार आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब है. हालांकि उनके इस दावे का संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय ने भी समर्थन नहीं किया.
इनपुट- AFP
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं