- रूस ने अमेरिकी कंपनी Meta पर रूसी कानूनों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए व्हाट्सएप को पूरी तरह बैन कर दिया है
- रूसी सरकार व्हाट्सएप की जगह स्वदेशी सुपरऐप मैक्स का इस्तेमाल करने पर नागरिकों पर जोर दे रही है
- रूस ने मैक्स ऐप को 2025 में लॉन्च किया था, जिसमें चैटिंग के साथ-साथ कई सरकारी और डिजिटल सेवाएं भी हैं
रूस ने दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) को बैन कर दिया है. वजह बताई है, अमेरिकी कंपनी Meta का व्हाट्सएप रूसी कानूनों का उल्लंघन कर रहा है, इसलिए उसे पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है. रूस ने अब अपने नागरिकों से MAX नाम के देसी ऐप का इस्तेमाल करने के लिए कहा है. आइए बताते हैं ये मैक्स सुपरऐप है क्या, और कई साइबर एक्सपर्ट्स इसे जासूसी का हथियार क्यों बता रहे हैं.
व्हाट्सएप पर बैन क्यों लगा?
रूस का कहना है कि व्हाट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा ने रूसी कानूनों का पालन करने से इनकार कर दिया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने व्हाट्सएप पर बैन के पीछे इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया और स्वदेशी ऐप मैक्स को किफायती और राष्ट्रीय विकल्प के रूप में पेश किया.
व्हाट्सएप ने क्या कहा है?
रूस के इस कदम पर व्हाट्सएप ने बयान जारी करके तीखी प्रतिक्रिया दी है. कंपनी ने आरोप लगाया कि रूसी सरकार अपने नागरिकों को सरकारी सर्विलांस ऐप का इस्तेमाल करने पर मजबूर कर रही है. सरकार व्हाट्सएप के 10 करोड़ से अधिक रूसी यूजर्स को एंड-टु-एंड सिक्योर कम्युनिकेशन से वंचित करके कम सुरक्षित विकल्प की तरफ धकेल रही है. लोगों को कनेक्टेड रखने के लिए हमसे जो हो पाएगा, हम करते रहेंगे.
क्या है रूसी सुपर ऐप MAX?
- स्वदेशी सुपर ऐपः मैक्स को रूस ने 2025 में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया था. यह एक स्वदेशी मैसेजिंग ऐप है. इसे केवल चैटिंग नहीं बल्कि सुपर ऐप की तरह डिजाइन किया गया है.
- ऑल-इन-वन: मैक्स को चीन के WeChat की तर्ज पर बनाया गया है. इसमें मैसेजिंग के अलावा कॉल, सोशल मीडिया, डिजिटल आईडी और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलती हैं.
- सरकारी सेवाओं से लिंक: मैक्स ऐप के जरिए रूस के नागरिक गोसुस्लुगी (Gosuslugi) जैसी सरकारी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं.
- अनिवार्य इंस्टॉलेशन: सितंबर 2025 से रूस में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन में मैक्स को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य किया जा चुका है.
मैक्स को लेकर क्या हैं चिंताएं?
रूसी सरकार मैक्स ऐप को जहां व्हाट्सएप का राष्ट्रीय विकल्प बता रही है, वहीं साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और आलोचक इसे लेकर गंभीर चेतावनी दे रहे हैं. इसे निगरानी का हथियार बताया जा रहा है, जिससे सरकार हर नागरिक पर नजर रख सकेगी.
एक्सपर्ट्स का दावा है कि व्हाट्सएप के उलट, मैक्स में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नहीं है. मतलब कि एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस के बीच आने-जाने वाले मैसेज को सुना या देखा जा सकता है.
आलोचकों का दावा है कि डिजिटल सिग्नेचर और सरकारी सेवाओं से जुड़े होने के कारण सरकार मैक्स ऐप के जरिए नागरिकों की हर गतिविधि पर नजर रख सकेगी. सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी एनालिसिस (CEPA) का कहना है कि इसे रूसी नागरिकों पर निगरानी के लिए बनाया गया है.
फेसबुक, इंस्टा पहले से बैन
जानकारी के लिए बता दें कि रूसी सरकार ने 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई तरह की पाबंदिया लगा दी हैं. इसी के तहत ट्विटर (एक्स), फेसबुक और इंस्टाग्राम को पहले ही ब्लॉक किया जा चुका है. रूसी सरकार अब टेलीग्राम ऐप पर भी शिकंजा कस रही है. यूट्यूब को भी ब्लॉक करने की तैयारी चल रही है.
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