अमेरिका में इस्लामिक स्टेट का एक बड़ा हमला टल गया है, वहां की सतर्क सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश को नाकाम कर दिया है. बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों ने केवल 18 साल के युवक पर आरोप लगाया कि उसने इस्लामिक स्टेट ग्रुप के समर्थन में मिनेसोटा के एक शॉपिंग मॉल में बड़े पैमाने पर गोलीबारी की योजना बनाई थी. FBI ने 18 साल के शेखदून अब्दुल्लाही मोहम्मद को तब गिरफ्तार किया, जब उसने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान अंडरकवर एजेंट से ही AK-47 राइफल और गोलियां खरीदीं. FBI के इस ऑपरेशन से अब्दुल्लाही मोहम्मद की कथित आतंकी साजिश नाकाम हो गई.
FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने बताया कि इस युवक ने कथित तौर पर एक हथियार हासिल किया था जिसका इस्तेमाल वह ISIS के समर्थन में बड़े पैमाने पर लोगों की जान लेने वाले हमले में करना चाहता था. लेकिन FBI ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी योजनाओं पर रोक लगा दी.
मोहम्मद की प्लानिंग क्या थी?
मिनेसोटा के रिचफील्ड का रहने वाला मोहम्मद कथित तौर पर पास के 'मॉल ऑफ अमेरिका' में 30 से 60 लोगों को मारना चाहता था. उसने इस जगह को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उसका दावा था कि यह यहूदियों के मालिकाना हक वाला मॉल है. उस पर आरोप है कि उसने 2024 से FBI के एक सूत्र के साथ सैकड़ों मैसेज में अपनी मंशा जाहिर की थी, जिसमें एक सेल्फी-स्टाइल वीडियो भी शामिल था जिसमें मोहम्मद ने IS के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली थी.
मिनेसोटा के अमेरिकी अटॉर्नी डैनियल रोसेन ने कहा कि आपराधिक शिकायत में लगाए गए आरोपों के अनुसार, मोहम्मद ने ISIS के नाम पर निर्दोष लोगों की हत्या की साजिश रचने की दिशा में अहम कदम उठाए थे. मोहम्मद पर आतंकवाद का संघीय अपराध करने के मकसद से जानबूझकर हथियार और गोला-बारूद हासिल करने का आरोप लगाया गया है. वह बुधवार को एक संघीय जज के सामने पेश हुआ.
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