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ईरान पर आज रात भारी, आने वाली तबाही के 4 सबूत देखिए

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी अब एक निर्णायक मोड़ पर नजर आ रही है. ट्रंप ने अपने खतरनाक बी-1 लांसर और बी-56 बॉम्बर भी जंग के मोर्चे पर उतार दिए हैं.

ईरान पर आज रात भारी, आने वाली तबाही के 4 सबूत देखिए
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी धमकी दी है कि आज की रात उसके ऊपर बहुत भारी होगी
  • अमेरिका ने अपना बेहद खतरनाक बी-1 लांसर लड़ाकू विमान ब्रिटिशन एयरबेस पर तैनात कर दिया है
  • 8 इंजन वाले बी-52 बॉम्बर विमान के जरिए अमेरिका ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे की कमर तोड़ दी है
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ईरान के लिए आज की रात बहुत भारी साबित हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि आज की रात ईरान के ऊपर बहुत बड़ा हमला किया जाएगा. ट्रंप की इस धमकी ने खलबली मचा दी है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान भले ही झुकने को तैयार नहीं है, लेकिन अमेरिका ने उसका खेल खत्म करने की पूरी तैयारी कर ली है. मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की बढ़ती हलचल इस बात की तस्दीक कर रही है कि आज की रात ईरान पर महा-बमबारी हो सकती है. 

सबूत नंबर 1: ट्रंप की ईरान को दोटूक धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सीधी और साफ शब्दों में चेतावनी है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट मैसेज में ईरान को "मिडिल ईस्ट का लूजर" बताया और कहा कि अब ईरान इस इलाके का दादा नहीं रहा. जब तक वो पूरी तरह सरेंडर नहीं करता या उसका पतन नहीं हो जाता, वह दशकों तक इसी स्थिति में रहेगा. ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान पर आज बहुत जोरदार हमला किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान के खराब बर्ताव की वजह से अब वह उन क्षेत्रों और समूहों को भी पूरी तरह नष्ट करने पर विचार कर रहे हैं, जो अब तक उनके निशाने पर नहीं थे. 

सबूत नंबर 2: B-1 लांसर फाइटर तैयार 

अमेरिका का 24 क्रूज मिसाइल एकसाथ ले जाने में  सक्षम बी-1 लांसर लड़ाकू विमान भी ईरान पर धावा बोलने के लिए तैयार है.  146 फुट लंबा ये विमान ब्रिटिश पीएम की हरी झंडी के बाद शुक्रवार रात ही ग्लूसेस्टरशायर एयरबेस पर उतर चुका है. इसे अमेरिकी वायुसेना का सबसे तेज बमवर्षक विमान माना जाता है. 86 टन वजनी ये विमान करीब 1500 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. एडवांस रडार व जीपीएस सिस्टम, इलेक्ट्रोनिक जैमर, धोखा देने वाले सिस्टम इसे आसमान का खतरनाक शिकारी बनाते हैं. 

सबूत नंबर 3: पावरफुल B-52 बॉम्बर

अमेरिका ने ईरान युद्ध में अपने खतरनाक बी-52 बॉम्बर से कहर बरपा रहा है. 8 इंजन वाले इस विमान को वैसे तो शीत युद्ध के दौर में सोवियत संघ पर परमाणु हथियार गिराने के इरादे से तैयार किया गया था, लेकिन आज भी इसे अमेरिकी सेना में लंबी दूरी के सबसे पावरफुल फाइटर्स में से एक माना जाता है. ये विमान बिना ईंधन भरे एक बार में 14 हजार किलोमीटर तक उड़ सकता है. 70 हजार पाउंड (करीब 31 हजार किलो) वजनी हथियार ले जा सकता है, जिनमें प्रिसिजन गाइडेड बम, क्रूज मिसाइल और मैरीटाइम स्ट्राइक वेपन शामिल हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस विमान ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को तबाह करने में अहम भूमिका निभाई है. US Deploying 3rd Aircraft Carrier In Middle East: All About USS George HW Bush

सबूत नंबर 4: तीसरा विमानवाहक पोत 

लगता है, ट्रंप ने पूरी तरह ठान लिया है कि ईरान के मौजूदा शासन को वह मटियामेट करके ही मानेंगे. ईरान की तरफ से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का पुख्ता जबाव देने के लिए ट्रंप अब अपने तीसरे विमानवाहक पोत को मिडिल ईस्ट में तैनात कर रहे हैं.  USS जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश विमानवाहक पोत अपने एस्कॉर्ट और एयर विंग के साथ पहुंच रहा है. इस तरह तीनों विमानवाहक पोत के जरिए अमेरिका को 250 से 270 लड़ाकू विमानों की ताकत मिल सकेगी. समुद्र में तैरता शहर कहा जाने वाले इस पोत पर 5 से 6 हजार सैनिक तैनात रहते है. यह हर 20 सेकंड में एक विमान लॉन्च कर सकता है. 

देखें- ईरान युद्ध में अमेरिका के तीसरे विमानवाहक पोत की एंट्री, जानें कैसे बदल सकता है पूरा गेम

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