
क्या आप सिर्फ पैसे के दम पर अमेरिका का ग्रीन कार्ड पा सकते हैं? तो जवाब है..हां...एक कार्ड जो अमेरिका में बसने का आपका सपना पूरा कर सकता है. लेकिन इसकी कीमत सुन लेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे. ये है अमेरिका का गोल्ड कार्ड या गोल्ड वीजा. एक ऐसा वीजा जो अमीरों को सीधा अमेरिका की नागरिकता की दहलीज तक पहुंचा देता है. लेकिन करोड़ों रुपये के निवेश की शर्त के साथ. इसे लेकर कई सवाल हैं. जैसे गोल्डन कार्ड या गोल्डन वीजा है क्या और इसे खरीदने वाले को इससे क्या मिलेगा? तो सबसे पहले जानते हैं गोल्डन कार्ड आखिर है क्या?
क्या है डोनाल्ड ट्रंप का गोल्ड कार्ड?
गोल्ड कार्ड चर्चा में तब आया जब 3 अप्रैल को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शाही हवाई जहाज एयर फोर्स वन में पत्रकारों को एक कार्ड दिखाया. डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों के सामने इस कार्ड को उठाया और कहा यह 5 कार्ड मिलियन डॉलर यानी लगभग 43 करोड़ रुपये में आपका हो सकता है. यह पहला कार्ड है और जानते हैं यह क्या है? यह गोल्ड कार्ड है मेरा ट्रंप कार्ड दरअसल, इस कार्ड पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर है और इसलिए इसे को ट्रंप कार्ड भी कहा जा रहा है. ये कार्ड उन विदेशी नागरिकों के लिए है जो अमेरिका में निवेश करके ग्रीन कार्ड पाना चाहते हैं. ये कार्ड अमीरों को सीधा ग्रीन कार्ड दिलाने का एक रास्ता देता है वो भी बिना किसी नौकरी, स्पॉन्सर या लंबी प्रतीक्षा के. ये कार्ड ग्रीन कार्ड जैसे अधिकार देता है. हालांकि, यह कार्ड तुरंत नागरिकता नहीं देता. लेकिन यह कार्ड भविष्य में अमेरिका की नागरिकता का रास्ता खोल सकता है. अमेरिका इसे एक आर्थिक प्रोग्राम की तरह देखता है. विदेशियों से पैसा लेकर वो अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करता है और बदले में उन निवेशकों को अमेरिका में स्थायी निवास का मौका मिलता है.
गोल्ड कार्ड खरीदने वालों को कितना फायदा?
ट्रंप का कहना है कि गोल्ड कार्ड से अमेरिकी राजस्व में खरबों डॉलर आएंगे और देश पर बढ़ता कर्ज भी कम होगा. ये कार्ड उन अमीर कारोबारियों को आकर्षित करेगा, जो नौकरियां पैदा करेंगे और अर्थव्यवस्था को रफ्तार देंगे. जो व्यक्ति भी इस कार्ड को खरीदना चाहता है उसे 5 मिलियन डॉलर का निवेश करना होगा. अगर आप इस कार्ड को खरीदते हैं तो ये कार्ड आपको कभी भी अमेरिका में आने और रहने का अधिकार देगा. गोल्ड कार्ड धारक अमेरिका में नागरिकता भी हासिल कर सकते हैं, लेकिन ये वैकल्पिक है. अब सवाल ये वीजा आप कबसे खरीद सकते हैं.
कबसे खरीद सकते हैं गोल्ड कार्ड?
अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने बताया कि यह योजना जल्द ही आधिकारिक रूप से शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि लॉन्च से पहले ही एक दिन में 1000 गोल्ड कार्ड बिक चुके हैं और इसी बात से इसकी लोकप्रियता का अनुमान लगाया जा सकता है.
भारत पर क्या होगा असर?
कहा जा रहा है कि ट्रंप का नया गोल्ड कार्ड प्रोग्राम EB-5 वीजा की जगह लेगा. EB-5 वीजा उन लोगों के लिए है जो अमेरिकी ड्रीम को जल्दी और स्थायी रूप से हासिल करना चाहते हैं. इसमें फाइनेंशियल रिस्क भी होता है, लेकिन ग्रीन कार्ड का वादा इसे आकर्षक बनाता है. बहरहाल अब H-1B, EB-2, या EB-3 वीजा पर अमेरिका में रहने वाले भारतीय आप्रवासी गोल्ड कार्ड वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं और अमेरिकी नागरिकता के करीब पहुंच सकते हैं, लेकिन 50 लाख डॉलर की कीमत इसे ज्यादातर लोगों की पहुंच से बाहर कर देती है. आशंका ये है कि गोल्ड कार्ड वीजा धारक अन्य वीजा धारकों को ग्रीन कार्ड कतार में नीचे धकेल सकती हैं. खासकर वो भारतीय जो सालों से EB-5 प्रोग्राम के जरिए अमेरिका में बसने का सपना देख रहे थे, उनके लिए अब 43 करोड़ रुपये की यह शर्त काफी मुश्किल भरी होगी.
इस योजना का लक्ष्य दुनियाभर से अमीर लोगों को अमेरिका की ओर खींचना है, जो देश में नौकरियों के अवसर बढ़ाएंगे. ट्रंप ने कहा है कि 10 मिलियन गोल्ड कार्ड की बिक्री अमेरिकी कर्ज को मिटा सकती है, लेकिन सवाल अभी भी यही है कि क्या अमेरिका के बाहर इतने अमीर लोग हैं जो 50 लाख डॉलर के वीजा का खर्च उठा सकते हैं. बहरहाल अगर जेब भारी है और अमेरिका में स्थायी रूप से बसना है, तो गोल्ड वीजा आपके लिए एक रास्ता हो सकता है. लेकिन ध्यान रखें, ये रास्ता जितना सुनहरा दिखता है, उतना ही महंगा और जोखिम भरा भी है.
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