- अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष में मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती काफी बढ़ाई है
- USS त्रिपोली समेत कई अमेरिकी युद्धपोतों पर तैनात सैनिकों को खाने की कमी का सामना करना पड़ रहा है
- सैनिकों के परिवारों को भेजे गए संदेशों में बताया गया है कि भोजन की मात्रा बेहद कम और असंतोषजनक है
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद भी मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी तैनाती काफी ज्यादा बढ़ा दी है. इस बीच इन अमेरिकी सैनिकों को एक अजीब और शर्मनाक संकट का सामना करना पड़ रहा है. ईरान के साथ चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध में शामिल अमेरिकी युद्धपोतों पर खाने की कमी को लेकर चिंताएं और रिपोर्टें बढ़ रही हैं. आलम यह है कि अमेरिका अपने जवानों को खाने की खाली में बेहद कम भोजन दे पा रहा है.
खाली-खाली दिखाई थी अमेरिकी सैनिकों की थाली
USA Today की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत USS Tripoli पर तैनात एक महिला अमेरिकी सैनिक ने अपने परिवार को एक तस्वीर भेजी. इस तस्वीर में एक लंच ट्रे दिखाई दे रही थी जो लगभग खाली थी. उसमें बस थोड़ा सा बारीक कटा हुआ मांस और एक मुड़ा हुआ टॉर्टिला रखा था. बाद में USS अब्राहम लिंकन समेत अन्य जहाजों से भी इसी तरह की बातें सामने आईं. बताया गया है कि वहां तैनात एक सैनिक ने खाने की एक तस्वीर भेजी, जिसमें उबली हुई गाजर, एक सूखा मांस की पैटी और मांस का एक प्रोसेस्ड टुकड़ा था.
Pictures published by USA Today show meals served recently to Sailors onboard the Nimitz-class aircraft carrier, USS Abraham Lincoln (CVN-72), as well as Marines serving on the USS Tripoli (LHA-7), an America-class amphibious assault ship, both of which are currently deployed to… pic.twitter.com/gZY2vvn9wq
— OSINTdefender (@sentdefender) April 16, 2026
सैनिकों के परिजनों ने जताई चिंता
परिवार वालों का कहना है कि इन तस्वीरों के साथ ऐसे संदेश भी आए हैं जिनमें बताया गया है कि तैनाती के दौरान खाने की चीजें बहुत कम मिल रही हैं. USS त्रिपोली पर तैनात एक नाविक ने अपनी मां को भेजे संदेशों में बताया कि सैनिक जब भी मौका मिलता है, खाना खा लेते हैं और जब खाने का सामान कम होता है, तो वे उसे आपस में बराबर-बराबर बांट लेते हैं. उसने लिखा, 'खाने का सामान बहुत कम बचा है. हमारा मनोबल भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच जाएगा.'
तैनात सैनिकों के परिवारों का कहना है कि वे खाने-पीने की चीजें, साफ-सफाई का सामान और अन्य जरूरी चीजें भेजने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उनके भेजे गए कई पैकेट अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाए हैं. डाक सेवा में आई रुकावटों की वजह से यह देरी हो रही है. इस संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के चलते, अमेरिकी डाक सर्विस ने अप्रैल की शुरुआत से ही 27 सैन्य ZIP कोड वाले इलाकों में डाक पहुंचाने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया है.
यह भी पढ़ें: हूती अटैक से डर गई ट्रंप की सेना? 60 हजार करोड़ का अमेरिकी युद्धपोत रास्ता बदलकर ईरान जा रहा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं