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अरबों का बजट फिर भी थाली खाली-खाली! मिडिल ईस्ट में तैनात अपने सैनिकों को भरपेट खाना भी नहीं दे पा रहा अमेरिका?

अरबों के रक्षा बजट के बावजूद मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिक सप्लाई चेन में आई बाधा के कारण भोजन की भारी कमी और खाली थाली का सामना कर रहे हैं.

अरबों का बजट फिर भी थाली खाली-खाली! मिडिल ईस्ट में तैनात अपने सैनिकों को भरपेट खाना भी नहीं दे पा रहा अमेरिका?
अमेरिकी सैनिकों के परिवार ने शेयर की खाने की थाली की तस्वीरें
USA Today
  • अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष में मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती काफी बढ़ाई है
  • USS त्रिपोली समेत कई अमेरिकी युद्धपोतों पर तैनात सैनिकों को खाने की कमी का सामना करना पड़ रहा है
  • सैनिकों के परिवारों को भेजे गए संदेशों में बताया गया है कि भोजन की मात्रा बेहद कम और असंतोषजनक है
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ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद भी मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी तैनाती काफी ज्यादा बढ़ा दी है. इस बीच इन अमेरिकी सैनिकों को एक अजीब और शर्मनाक संकट का सामना करना पड़ रहा है. ईरान के साथ चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध में शामिल अमेरिकी युद्धपोतों पर खाने की कमी को लेकर चिंताएं और रिपोर्टें बढ़ रही हैं. आलम यह है कि अमेरिका अपने जवानों को खाने की खाली में बेहद कम भोजन दे पा रहा है.

खाली-खाली दिखाई थी अमेरिकी सैनिकों की थाली

USA Today की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत USS Tripoli पर तैनात एक महिला अमेरिकी सैनिक ने अपने परिवार को एक तस्वीर भेजी. इस तस्वीर में एक लंच ट्रे दिखाई दे रही थी जो लगभग खाली थी. उसमें बस थोड़ा सा बारीक कटा हुआ मांस और एक मुड़ा हुआ टॉर्टिला रखा था. बाद में USS अब्राहम लिंकन समेत अन्य जहाजों से भी इसी तरह की बातें सामने आईं. बताया गया है कि वहां तैनात एक सैनिक ने खाने की एक तस्वीर भेजी, जिसमें उबली हुई गाजर, एक सूखा मांस की पैटी और मांस का एक प्रोसेस्ड टुकड़ा था.

सैनिकों के परिजनों ने जताई चिंता

परिवार वालों का कहना है कि इन तस्वीरों के साथ ऐसे संदेश भी आए हैं जिनमें बताया गया है कि तैनाती के दौरान खाने की चीजें बहुत कम मिल रही हैं. USS त्रिपोली पर तैनात एक नाविक ने अपनी मां को भेजे संदेशों में बताया कि सैनिक जब भी मौका मिलता है, खाना खा लेते हैं और जब खाने का सामान कम होता है, तो वे उसे आपस में बराबर-बराबर बांट लेते हैं. उसने लिखा, 'खाने का सामान बहुत कम बचा है. हमारा मनोबल भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच जाएगा.'

USS त्रिपोली उन कई अमेरिकी नौसैनिक जहाजों में से एक है जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा तेहरान के खिलाफ छेड़े गए एकतरफा युद्ध के तहत इस इलाके में तैनात किया गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन जहाजों पर 3,500 नाविक और मरीन सैनिक तैनात हैं और ये जहाज ईरान के बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों की नाकेबंदी करने में लगे हुए हैं.

तैनात सैनिकों के परिवारों का कहना है कि वे खाने-पीने की चीजें, साफ-सफाई का सामान और अन्य जरूरी चीजें भेजने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उनके भेजे गए कई पैकेट अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाए हैं. डाक सेवा में आई रुकावटों की वजह से यह देरी हो रही है. इस संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के चलते, अमेरिकी डाक सर्विस ने अप्रैल की शुरुआत से ही 27 सैन्य ZIP कोड वाले इलाकों में डाक पहुंचाने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया है.

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