विज्ञापन

दुनिया के 80 देशों में अमेरिकी आर्मी के 750 बेस कैंप, ईरान के आस-पास कितने, क्या है अभी की स्थिति?

"US Military Base Camps in World: US सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरान के साथ जारी जंग में अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हुई है. 200 जवान घायल हुए है. घायल सैनिकों में से ज़्यादातर को मामूली चोटें आई हैं और 180 सैनिक पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं.

दुनिया के 80 देशों में अमेरिकी आर्मी के 750 बेस कैंप, ईरान के आस-पास कितने, क्या है अभी की स्थिति?
US Military Base Camps: दुनिया में अमेरिकी मिलिट्री के बेस कैंप कहां-कहां है?
  • दुनिया के 80 देशों में अमेरिकी सेना के करीब 750 बेस कैंप और 1 लाख 73 हजार सैनिक तैनात हैं.
  • जापान में 120 बेस कैंप और 53713 सैनिक तैनात हैं जबकि जर्मनी में 119 बेस कैंप और 33948 सैनिक मौजूद हैं.
  • पश्चिम एशिया में तुर्किए, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और इराक में अमेरिकी बेस कैंप हैं.

US Military Base Camps: दुनिया के 80 देशों में अमेरिकी आर्मी के बेस कैंप हैं. इन 80 देशों में अमेरिकी सेना के करीब 750 बेस कैंप है. इसके अलावा दुनिया के करीब 159 देशों में अमेरिका के 1 लाख 73 हजार ट्रूप (Troops) तैनात हैं. US मिलिट्री की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जापान और जर्मनी में सबसे ज्यादा अमेरिकी सेना की तैनाती है. जापान में अमेरिकी के 120 आर्मी बेस कैंप है. जापान में 53713 ट्रूप की तैनाती है. जापान के बाद दूसरे नंबर पर जर्मनी है, जर्मनी में अमेरिकी के 119 आर्मी बेस कैंप है, जिसमें 33948 सैनिकों की तैनाती है. तीसरे नंबर पर साउथ कोरिया है. साउथ कोरिया में अमेरिका के 73 बेस कैंप है, जहां 26414 सैनिकों की तैनाती है. 

दुनिया में अमेरिका सेना के बेस कैंप.

दुनिया में अमेरिका सेना के बेस कैंप.

पश्चिम एशिया में भी अमेरिकी सेना की भारी तैनाती

जर्मनी, जापान और कोरिया में अमेरिकी सेना की भारी बंदोबस्त तो है ही, इसके अलावा पश्चिम एशिया में भी अमेरिकी सेना की भारी तैनाती है. इन बीच ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का जंग चल रहा है. इस जंग के बीच ईरान ने आस-पास के कई देशों पर हमला किया है. ईरान का दावा है कि उसने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी बेस कैंपों को निशाना बनाया है.

Latest and Breaking News on NDTV

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना के बेस कैंप

पश्चिम एशिया में अमेरिका के बड़े बेस कैंप तुर्किए, सऊदी अरब, कुवैत में है. तुर्किए में अमेरिकी सेना के 13 बेस कैंप है, जहां 1685 सैनिकों की तैनाती है. कुवैत में अमेरिका के 10 बेस कैंप है, जहां 2169 ट्रूप की तैनाती है. जबकि सऊदी अरब में भी अमेरिका के 10 बेस कैंप है, यहां 381 ट्रूप की तैनाती है. तुर्किए, सऊदी अरब और कुवैत के अलावा पश्चिम एशिया के कई और देशों में भी अमेरिकी सेना की तैनाती है. 

बहरीन: अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय यहीं स्थित है, जिसके कार्यक्षेत्र में खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्से शामिल हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

कतर: राजधानी दोहा के बाहरी रेगिस्तान में स्थित 24 हेक्टेयर का अल उदैद वायु अड्डा, अमेरिकी केंद्रीय कमान का अग्रिम मुख्यालय है, जो पश्चिम में मिस्र से लेकर पूर्व में कजाकिस्तान तक फैले क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों का निर्देशन करता है. मध्य पूर्व के इस सबसे बड़े अमेरिकी अड्डे पर लगभग 10,000 सैनिक तैनात हैं.

कुवैत: कुवैत में अमेरिका के कई सैन्य प्रतिष्ठान हैं, जिनमें कैंप आरिफजान, अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान का अग्रिम मुख्यालय, और अली अल सलेम वायु अड्डा शामिल हैं, जो इराकी सीमा से लगभग 40 किमी दूर स्थित है. अमेरिकी सेना की वेबसाइट के अनुसार, कैंप ब्यूहरिंग की स्थापना 2003 के इराक युद्ध के दौरान की गई थी और यह इराक और सीरिया में तैनात होने वाली अमेरिकी सेना इकाइयों के लिए एक प्रारंभिक चौकी है.

यह भी पढ़ें - ईरान की रणनीति में UAE पर सबसे ज्यादा हमला क्यों, ये अमेरिका को तेजी से कैसे पहुंचा रहा नुकसान?

संयुक्त अरब अमीरात: राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में स्थित अल धाफरा वायु सेना अड्डा संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिकी वायु सेना का साझा केंद्र है. इसके अलावा दुबई का जेबेल अली बंदरगाह मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा बंदरगाह है, जहां नियमित रूप से अमेरिकी विमानवाहक पोत और अन्य जहाज आते-जाते रहते हैं.

इराक: व्हाइट हाउस के अनुसार, इराक के पश्चिमी प्रांत अनबार में ऐन अल असद वायु सेना अड्डे पर अमेरिका सेना की तैनाती है. इसके अलावा उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित एरबिल वायु सेना, अमेरिकी और गठबंधन बलों के प्रशिक्षण अभ्यास और युद्ध अभ्यासों के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करती है. 

Latest and Breaking News on NDTV

सऊदी अरब: व्हाइट हाउस के एक लेटर के अनुसार, 2024 में सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 2,321 थी. ये सैनिक सऊदी सरकार के समन्वय से काम करते हैं, हवाई और मिसाइल रक्षा क्षमताएं प्रदान करते हैं और अमेरिकी सैन्य विमानों के संचालन में सहायता करते हैं. इनमें से कुछ सैनिक रियाद से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में स्थित प्रिंस सुल्तान वायु सेना अड्डे पर तैनात हैं, जो अमेरिकी सेना की संपत्तियों, जिनमें पैट्रियट मिसाइल बैटरी और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम शामिल हैं, को सहायता प्रदान करता है.

जॉर्डन: राजधानी अम्मान से 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित अज़राक में मुवफ्फक अल साल्टी वायु सेना अड्डे पर अमेरिकी वायु सेना केंद्र की 332वीं वायु अभियान शाखा तैनात है. 

ईरान के हमले में अमेरिका के किन-किन सैन्य ठिकानों को पहुंचा नुकसान

ईरान के हमलों में जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और मध्य पूर्व के अन्य देशों में अमेरिकी एयर डिफ़ेंस और सैटेलाइट संचार सिस्टम सहित कई संसाधनों को निशाना बनाया गया. सबसे बड़ा नुक़सान जॉर्डन के एक एयर बेस पर थाड मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम के लिए इस्तेमाल हो रहे अमेरिकी रडार पर हमले से की वजह से हुआ. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए तीन एयर बेसों- कुवैत के अली अल-सलीम बेस, क़तर के अल-उदीद और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान- पर ताज़ा नुकसान दिखाई देते हैं.

US सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरान के साथ जारी जंग में अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हुई है. 200 जवान घायल हुए है. घायल सैनिकों में से ज़्यादातर को मामूली चोटें आई हैं और 180 सैनिक पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं. कमांड की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 10 जवानों को गंभीर चोटें आई है.

यह भी पढ़ें - डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला, क्या ईरान की जद में आएगा अमेरिका, एक्सपर्ट की राय जानिए

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
US Military, US Military Base, US Military Bases, US Military Base In Syria, America Army
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com