- अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की युद्ध की हिंसा तीन सप्ताह में तेल और गैस भंडारों को निशाना बनाकर बढ़ी है
- ईरान ने साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया और बड़ी चेतावनी दी
- कतर के मुख्य गैस संयंत्र पर ईरानी मिसाइल हमले ने भारी नुकसान किया और दो ईरानी राजनयिकों को कतर से निकाला गया
US Israel War against Iran: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग को शुरू हुए तीन हफ्ते गुजरने वाले हैं और यह हिंसा हर गुजरते दिन के साथ अब तबाही के करीब जाती जा रही है. अब मिसाइलों से खास तौर से एक दूसरे के तेल और गैस भंडार को निशाना बनाया जा रहा है. ईरान बदला लेने के मोड में जा चुका है. ईरान ने खाड़ी क्षेत्र (गल्फ) में अमेरिका के पार्टनर देशों के तेल-गैस ठिकानों को निशाना बनाया और आगे और भी विनाशकारी हमलों की धमकी दी. वजह है कि उसकने खुद के एक महत्वपूर्ण गैस फील्ड पर हमला हुआ है. ईरान ने अपने विशाल साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमलों के लिए इजरायल और अमेरिका को दोषी ठहराया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ऊर्जा ढांचे पर हमलों के “बेकाबू परिणाम” होने की चेतावनी दी है.
इससे गुरुवार को यह डर बढ़ गया कि अब पूरे मिडिल ईस्ट में ईंधन आपूर्ति पर बड़ा हमला हो सकता है, जिससे पहले से ही अस्थिर वैश्विक बाजारों को झटका लग सकता है. संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने भी अलग-अलग बयान जारी करके ईरान के गैस प्लांट पर हुए हमलों की निंदा की. ईरान की यह चेतावनी उस घटना के बाद भी आई जब इजरायल ने उसके खुफिया प्रमुख (इंटेलिजेंस मिनिस्टर) इस्माइल खतीब को मार दिया.
पार्स गैस फिल्ड पर अटैक का करारा जवाब दिया जाएगा- ईरान
तेहरान ने अपने साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले के बाद कहा कि यदि उसके ऊर्जा क्षेत्र पर और हमले हुए तो वह कड़ा जवाब देगा. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ईरानी मीडिया में जारी एक बयान में कहा: “हम आपको एक बार फिर चेतावनी देते हैं कि इस्लामी गणराज्य की ऊर्जा संरचना पर हमला करके आपने बहुत बड़ी गलती की है. अगर यह फिर दोहराया गया, तो आपकी ऊर्जा संरचना और आपके सहयोगियों की ऊर्जा संरचना पर आगे के हमले तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक वह पूरी तरह नष्ट नहीं हो जाती.”
तबाही का चेन रिएक्शन
ईरान की आगे जवाबी कार्रवाई की धमकी उस समय आई जब कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी ने कहा कि एक मिसाइल हमले से उसके मुख्य गैस संयंत्र- जो दुनिया का सबसे बड़ा है- में आग लग गई, जिससे “भारी नुकसान” हुआ. रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि ईरानी मिसाइल हमले से उत्तरी तट पर कतर की मुख्य गैस सुविधा को नुकसान पहुंचा है. कतरी रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, "ईरान की ओर से कतर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसने रास लाफान औद्योगिक शहर को निशाना बनाया और नुकसान पहुंचाया." कतर ने रात भर कहा था कि गैस सुविधा पर हमले उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए "प्रत्यक्ष खतरा" थे. दोहा ने दो ईरानी राजनयिकों को देश से निकाल दिया है.
वहीं सऊदी अरब ने भी कहा कि उसने पूर्वी क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने वाले ड्रोन को रोक लिया, जबकि एक बैलिस्टिक मिसाइल के मलबे का हिस्सा रियाद के दक्षिण में एक रिफाइनरी के पास गिरा.
संयुक्त अरब अमीरात ने भी गुरुवार को कहा कि उसने मिसाइल का मलबा गिरने के कारण एक गैस फैक्ट्री में कामकाज बंद कर दिया है. अबू धाबी के मीडिया कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया, "अबू धाबी के अधिकारी हबशान गैस सुविधाओं और बाब (तेल) क्षेत्र में मिसाइलों को रोके जाने के बाद उसके गिरे मलबे के कारण हुई घटनाओं पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं... गैस सुविधाएं बंद कर दी गई हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है." संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने हमले की "कड़ी निंदा" की और इसके लिए उसने ईरान को जिम्मेदार ठहराया.
फ्रांस की अपील
फ्रांस के राष्ट्रपति ने गुरुवार को ईरान और कतर में ऊर्जा भंडार पर हुए हमलों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कतरी नेता से बात की. उन्होंने उसके बाद नागरिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों पर रोक लगाने का आह्वान किया. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैंने ईरान और कतर में गैस उत्पादन स्थलों पर आज हुए हमलों के बाद कतर के अमीर और राष्ट्रपति ट्रंप से बात की." उन्होंने कहा, "नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से ऊर्जा और जल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों पर बिना किसी देरी के रोक लगाना आम हित में है."
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